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शिवपाल यादव को योगी सरकार से बड़ा तोहफा मिलने पर लोगों का उठा विश्वास, कह दी ये बड़ी बात

मायावती का बंगला शिवपाल को मिलने पर दलों ने बताया भाजपा का चुनावी एजेंट

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मेरठ

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Iftekhar Ahmed

Oct 13, 2018

shivpal yadav

शिवपाल यादव को योगी सरकार से बड़ा तोहफा मिलने पर लोगों का उठा विश्वास, कह दी ये बड़ी बात

मेरठ. समाजवादी पार्टी संस्थापक सदस्य और समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के मुखिया शिवपाल यादव को लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का आलीशान बंगला आवंटित करने से राजनैतिक हलकों में बेचैनी बढ़ गई है। बंगला आवंटन होने के बाद प्रदेश की सियासत में भी गुणा-भाग का दौर शुरू हो गया है। राजनैतिक दलों ने भाजपा सरकार की इस मंशा के पीछे उसका चुनावी लाभ लेना बताया है। जानकारों की माने तो आम चुनाव में जितना पेचीदा मतदान उप्र का होगा। किसी अन्य राज्य में उतनी मारामारी नहीं रहेगी। विपक्षियों के एक होने पर इसका सर्वाधिक असर भाजपा पर पडे़गा और भाजपा ऐसा नहीं होने देना चाहेगी कि विपक्ष एक हो। सपा से किनारा करने वाले शिवपाल के दूसरी पार्टी बनाए जाने से सर्वाधिक राजनैतिक लाभ भाजपा को मिल सकता है। ऐसा राजनीति के जानकारों का मानना है।


शिवपाल को लखनऊ में आलिशान बंगला मिलने पर रालोद के महासचिव और प्रदेश के पूर्व सिचाई मंत्री डॉ. मैराजुद्दीन ने कहा कि शिवपाल भाजपा के हाथों का रिमोट है। भाजपा जैसे चाहेगी शिवपाल वैसी राजनीति करेंगे। उन्होंने कहा कि जब बंगला किसी और को आवंटित करना था तो उसे सरकार ने खाली ही क्यों कराया। यह सरासर राजनीति द्वेष है। भाजपा जैसी पार्टी से ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती थी, लेकिन वह अब सत्ता में हैं और इस समय अपने सभी सिद्धांत सरकारी खूंटी पर टांग दिए हैं। वहीं कांग्रेस के पूर्व विधायक और एआईसीसी के सदस्य पंडित जयनारायण शर्मा का कहना है कि ये समय किसी को क्या मिला या भाजपा ने किसी को कितना लाभ पहुंचाया इसका नहीं है। सभी विपक्षी दलों को एक होकर चुनाव लड़ना चाहिए। सीटों के बंटवारे को भी अधिक अहमियत नहीं देनी चाहिए। अगर विपक्ष अपने स्वार्थ में अंधा हुआ तो फिर से भाजपा सरकार बनाने में कामयाब हो जाएंगी, जो कि देश और जनता के लिए बहुत गलत रहेगा। उन्होंने कहा कि इस समय सभी दलों को देश और जनता के हित की बात सोचनी चाहिए।

भतीजा अंसल में चचा को लुटियन जोन में बंगला
राजनीतिक विश्लेषण के मुताबिक, अखिलेश यादव अंसल में रह रहे हैं। सूत्रों के अनुसार प्राधिकरण ने उनके मकान का नक्शा भी स्वीकृत नहीं किया है। अखिलेश और चाचा शिवपाल में तनातनी की खबरें पिछले पांच साल से सामने आती रही है। लेकिन अब चचा का लखनऊ में योगी सरकार की ओर से बंगला दिए जाने से भतीजा और बसपा सुप्रीमो की राजनैतिक खीस बाहर नहीं निकल रही है।

'मायावती से बंगला लेकर भाजपा ने दलित विरोधी कोने का दिया सबूत'
बसपा के एमएससी और मप्र के चुनाव प्रभारी अतर सिंह राव के अनुसार बीजेपी यह पूरी तरह से जानती है कि अगर शिवपाल 2019 के चुनाव में एटा, इटावा, मैनपुरी और पूर्वांचल के कुछ जिले में सपा के वोट बैंक में सेंधमारी कर सकते हैं तो उसका सीधा फायदा बीजेपी को होगा। उन्होंने कहा कि कुल मिलकर बीजेपी ने शिवपाल यादव को चुनाव के लिए हायर किया है। इसकी उपयोगिता महज चुनाव तक ही सीमित रहेगी। उन्होंने कहा कि नतीजा कुछ भी आए, लोकसभा चुनाव के बाद शिवपाल यादव को कुछ फायदा होने वाला नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मायावती से बंगला खाली करवाकर भाजपा ने दलित विरोधी होने का सबूत दिया है।