बाह के क्यारी गांव का मामला।
आगरा। कहा जाता है कि मां के प्राण उसके बच्चों में बसते हैं। एक मां अपने जीते जी कभी अपने बच्चे पर आंच नहीं आने देती। यदि बच्चे पर कोई खतरा मंडराए तो वो उसे बचाने के लिए किसी भी हद तक पहुंच सकती है और किसी से भी भिड़ सकती है। ऐसे में वो अपनी जान की भी परवाह नहीं करती। कुछ ऐसा ही मामला आगरा के बाह के क्यारी गांव में सामने आया है। यहां एक मां अपनी नौ साल की बेटी की जान बचाने के लिए खुद लकड़बग्घे के सामने आ गई और बेटी को आंचल में छिपा लिया। इस दौरान लकड़बग्घे के हमले से उसकी उंगली, बांह, सीना और पीठ जख्मी हो गए।
ये था मामला
क्यारी गांव निवासी अनीता दरवाजे के बाहर बैठी हुई थी। उनकी नौ साल की बेटी भावना बाहर सो रही थी। इसी दौरान एक लकड़बग्घे ने गांव में हमला बोल दिया। इस बीच लकड़बग्घे ने अनीता की सो रही बेटी की ओर भी छलांग लगाई। तभी अनीता तेजी से दौड़कर बेटी के ऊपर लेट गयी और उसे आंचल में छिपा लिया और अकेले ही लकड़बग्घे से भिड़ गई। इस दौरान लकड़बग्घे के हमले से अनीता की उंगली, बांह, सीना और पीठ जख्मी हो गए। इसके बाद अनीता ने शोर मचाया तो उसका देवर छोटेलाल डंडा लेकर पहुंचा और लकड़बग्घे को पीटना शुरू कर दिया।
आधा दर्जन लोग घायल
इसके बाद लकड़बग्घे ने अनीता को तो छोड़ दिया और उसके देवर पर हमला कर दिया। हमले में उसके देवर के भी पैर जख्मी हो गए। गांव में लकड़बग्घे ने करीब आधा दर्जन लोगों को हमले से घायल कर दिया। घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत फैल गई। लोग अब भी घरों से लाठी लेकर निकल रहे हैं। वहीं खेतों की ओर समूह में जा रहे हैं।