
आगरा। अगर आप कुत्ता पालने के शौकीन हैं, तो अब आपको इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। कुत्ता पालने के लिए आपको नगर निगम में पंजीकरण कराना होगा, साथ ही वार्षिक रूप से टैक्स भी भरना पड़ सकता है। बुधवार को नगर निगम में ये प्रस्ताव रखा गया और अधिकांश पार्षदों ने इसका समर्थन किया।
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बता दें म्यूनिसिपल एक्ट 2008 में दिए प्रावधान के अनुसार कुत्ता पालने के लिए नगर निगम की अनुमति की जरूरत होती है। इसके लिए नगर निगम में बाकायदा पंजीकरण कराना होता है। इसके लिए बाकायदा कानून बने हुए हैं, लेकिन इनका पालन नहीं किया जाता। इसी को लेकर बुधवार को नगर निगम के सदन में पार्षद (वार्ड 87) रवि शर्मा ने इसका प्रस्ताव रखा। इस दौरान रवि शर्मा ने बताया कि शहर में करीब दस हजार पालतू कुत्ते हैं। इनका निगम में कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। ये जगह जगह पर गंदगी करते हैं और उस गंदगी को निगम के कर्मचारी साफ करते हैं। ऐसे में नगर निगम को कुत्ता पालने वालों से 1000 रुपए सालाना टैक्स लेना चाहिए। पार्षद के इस प्रस्ताव का अधिकांश लोगों ने समर्थन किया। हालांकि इस बीच आवारा कुत्तों और कुत्तों की नसबंदी को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। बता दें कि प्रस्ताव के मुताबिक अगर दस हजार पालतू कुत्तों के मालिकों से 1000 रुपए सालाना टैक्स लिया गया तो इससे नगर निगम को एक करोड़ की आमदनी होगी।