
आगरा के ताजमहल को लेकर आए दिन नए-नए विवाद सामने आ रहे हैं। इसी बीच अब खबर है कि खुद को मुगल वंशज कहने वाले प्रिंस याकूब आरिफुद्दीन ने परमहंस आचार्य, मत्स्येंद्र गोस्वामी और राजश्री चौधरी पर सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं उन्होंने थाना ताजगंज में मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर भी दी है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर उनसे भी शिकायत की है।
जानें पूरा मामला
गौरतलब है कि ताजमहल के बंद 22 कमरों को खुलवाने को लेकर पिछले दो महीने से काफी विवाद चल रहा है। पहले अयोध्या के भाजपा नेता रजनीश ने 22 बंद कमरों को खोलने की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की थी। फिर अयोध्या के परमहंस आचार्य ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की। फिर उरई के संत मत्स्येंद्र गोस्वामी ने ताजमहल में शौचालय के बाहर लगे देवी-देवताओं के चित्रों को लेकर नाराजगी जताई थी। साथ ही उन्होंने तुरंत भगवान के चित्रों को हटाने की मांग की थी।
ताजमहल को तेजोमहालय बताया
बता दें कि अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष राजश्री चौधरी ने ताजमहल को तेजोमहालय बताते हुए पूजा-अर्चना की अनुमति मांगी। वहीं राजस्थान की राजकुमारी दीया कुमारी ने ताजमहल अपने पूर्वजों की जमीन पर बना होने का दावा किया। अब मुगल वंशज प्रिंस तूसी ने बुधवार को इन सभी के खिलाफ सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने को तहरीर दी है।