
आगरा। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के 84 में दीक्षांत समारोह में उपाधि पाने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने के लिए आए मुख्य अतिथि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति राम नायक ने विश्वविद्यालय से जुड़े कई प्रोजेक्ट की भी शुरुआत की। इस दौरान गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने विश्वविद्यालय के बच्चों को संबोधित करते हुए उनकी हौसला अफजाई की। राजनाथ सिंह ने कहा कि दुनिया का कोई भी विद्वान मुझसे बहस कर ले जितना ज्ञान विज्ञान भारत में है किसी अन्य देश में नहीं है। पश्चिमी भाषा की चकाचौंध में सब खोते जा रहे हैं। हमें किसी भाषा से नफरत नहीं है, पर अपनी भाषा पर गर्व होना चाहिए और मुझे गर्व से देश के प्रधानमंत्री पर जिन्होंने दुनिया भर के मंचों पर हिंदी में भाषण दिया है। जहां लोग अन्य देश मे हिंदी बोलने में झिझकते थे।
जाति धर्म के आधार पर मतभेद नहीं होना चाहिए
वैदिक मैथमेटिक्स को मैंने लागू किया था, जिसका बहुत विरोध हुआ था वो मुस्लिम या ईसाई ने भी मुझसे पूछा था। जाति धर्म के आधार पर मतभेद नहीं होना चाहिए, जाति धर्म पर बांट कर भारत को सशक्त नहीं बना सकते हैं। भारत तो दुनिया को संदेश देता है कि पूरी दुनिया हमारा घर है, हम अहंकारी नहीं। किसी देश से ज्ञान आएगा तो स्वीकार करेंगे ये संदेश भारत की धरती से ही गया है। सभी अपना मन बड़ा बना कर आगे बड़ें, मेरे आदर्श जिनके विचार आज भी मेरे जीवन में हैं और फोटो आज भी मेरे आफिस में लगा हैं वो हैं अटल विहारी वाजपेयी जी। जो कहते थे छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता है और टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता है।
अन्नपूर्णा कैंटीन का शुभारंभ
राजनाथ सिंह द्वारा अन्नपूर्णा कैंटीन का लोकार्पण कर दिया गया। लेकिन, इसकी पूरी तरह से शुरुआत नवंबर के प्रथम सप्ताह में की जाएगी। जिसके बाद यह छात्रों के लिए पूरी तरह से खुल जाएगी। इस कैंटीन में छात्रों के बैठने खाने पीने की व्यवस्था होगी। वहीं इसमें विशेष हॉल भी बनाया गया है जहां पर छात्रों की एकेडमिक व छोटी सांस्कृतिक गतिविधियां भी हो सकेगी।