
आगरा। ताजमहल के शहर आगरा और कान्हा की नगरी मथुरा के लिए 24 फरवरी खास है। इस दिन आगरा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 44 हजार स्वयंसेवकों को समरसता का मंत्र देंगे। 24 फरवरी को ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मथुरा के बरसाना में लट्ठमार होली खेलेंगे। आशा की जा रही है कि वे इस दौरान मुख्यमंत्री कई घोषणाएं भी कर सकते हैं। दोनों कार्यक्रमों का सियासी मतलब भी निकाला जा रहा है।
सुनारी में आएंगे 44 हजार स्वयंसेवक
आगरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बृज प्रांत का समरसता कार्यक्रम 24 फरवरी को शास्त्रीपुरम के पीछे स्थित सुनारी गांव में होगा। दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक चलने वाले इस कार्यक्रम के लिए आगरा के 44 हजार स्वयंसेवकों ने पंजीकरण कराया है। कार्यक्रम पूर्ण गणवेश में होगा। स्वयंसेवक योग का प्रदर्शन करेंगे। तैयारियां पूरी हो गई हैं। 21 फरवरी की रात से डॉ. मोहन भागवत आगरा में हैं। लगातार बैठकें कर रहे हैं। 23 फरवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनसे आरबीएस बिचपुरी परिसर में भेंट की। दोनों बंद कमरे में में मिले, लेकिन इस मुलाकात के सियासी अर्थ लगाए जा रहे हैं। प्रांत संपर्क प्रमुख केशवदेव शर्मा का कहना है कि यह शिष्टाचार मुलाकात थी। डॉ. भागवत ने पैथालोजी क्लीनिक का उद्घाटन किया। 24 फरवरी की सुबह वे दयालबाग में राधास्वामी मत के गुरु प्रो. पीएस सतसंगी से भेंट करेंगे।
योगी संग होली खेलने के लिए बरसाना तैयार
मथुरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 24 फरवरी को होली खेलने के लिए बरसाना आ रहे हैं। बरसाना में चारोँ ओर भगवा रंग दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री संग होली खेलने की पूरी तैयारी है। हुरियारियों ने लाठियों को तेल पिला लिया है। मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे माताजी गौशाला, बरसाना का भ्रमण करेंगे तथा गोबर गैस निर्मित प्लांट का लोकार्पण करेंगे। अपराह्न एक बजे राधा बिहारी इंटर कॉलेज, बरसाना से जनसमुदाय को होली की शुभकामना देंगे। अपराह्न तीन बजे से प्रियाकुंड पर हरियारों का स्वागत के बाद श्रीजी मंदिर पर ध्वज पूजन और रंगीली गली में लठमार होली का आयोजन है। यहां 4.45 बजे तक रहेंगे। मुख्यमंत्री के साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी रहेंगे। मुख्यमंत्री ने 23 फरवरी को पर्यटन विभाग व ब्रज तीर्थ विकास परिषद् और ब्रज भूमि विकास ट्रस्ट द्वारा आयोजित ब्रज होली रसोत्सव कार्यक्रम में भाग लिया। पंडित हरी प्रसाद चौरसिया ने बंसुरी वादन, पंडित जसराज ने शास्त्रीय गायन, सोमना डे ने नृत्या और कविता सेठ ने सूफी गायन की प्रस्तुति देखी। उन्होंने कलाकारों को सम्मानित भी किया।