सड़क हादसे के आठ दिन तक लड़ती रही जिंदगी और मौत की लड़ाई, शहर से उठे थे दुआओं के हाथ
आगरा। विगत 17 अगस्त को सेंट पैट्रिक्स की 11वीं क्लास की छात्रा गार्गी शर्मा स्कूटी से स्कूल से लौट रहीं थी। उसी दौरान स्कूल के सामने नगर निगम के ट्रक ने टक्कर मार दी थी। हादसे में गार्गी शर्मा का पैर सहित नीचे का हिस्सा बुरी तरह जख्मी हो गया था। उसे गंभीर हालत में नयति मेडिसिटी में भर्ती कराया गया। उसको खून देने और मदद के लिए शहरवासी आगे आए और गार्गी की जिंदगी के लिए दुआ की गई। लेकिन, रक्षाबंधन से एक दिन पहले गार्गी शर्मा मौत की लड़ाई में हार गईं। शनिवार दोपहर तीन बजे आगरा की बेटी ने अंतिम सांस ली। दुर्घटना के आठ दिन तक वो अपनी जिंदगी की लड़ाई लड़ती रही।
कैबिनेट मंत्री ने दिया था मदद का आश्वासन
नयति हॉस्पिटल में गार्गी का एक पैर शरीर से अलग कर दिया गया, जिससे खून का बहाव बंद हो जाए। इसके साथ ही छह और आॅपरेशन भी किए गए। उसका दिल साथ ले रहा था लेकिन, शरीर के बडा हिस्से ने साथ देना बंद कर दिया है। आॅपरेशन के बाद से वह वेंटीलेटर पर थी। शनिवार दोपहर तीन बजे नयति हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने गार्गी शर्मा को मृत घोषित कर दिया। गार्मी को बचाने की हर संभव कोशिश की गई थी। कैबिनेट मंत्री प्रो.एसपी सिंह बघेल ने खुद जाकर गार्गी का हाल जाना था। वहीं पूरे शहर ने दुआएं मांगी थी। गार्गी की जान बचाने के लिए अपरिचित भी खून देने के लिए अस्पताल पहुंचे।
शहरवासियों की आंखें हुईं नम
गार्गी की मौत की खबर मिलते ही उसके लिए दुआ मांग रहे लोगों की आंखें नम हो गईं। रक्षाबंधन से एक दिन पहले गार्गी का दुनियां को अलविदा कह देना हर किसी को भावुक कर रहा है। गार्गी के पिता का कहना है कि शनिवार शाम को ताजगंज विद्युत शवदाह ग्रह पर गार्गी का अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा।