मुस्लिम समाज की महिलाओं की मुश्किलें अभी थी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
आगरा। मुस्लिम समाज की महिलाओं की मुश्किलें अभी थी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मात्र एक बार में तीन बार तलाक कहने पर परिवार टूट रहे हैं। एक नया मामला सामने आया है, जिसमें सुन्नी उलेमा बोर्ड कर्नाटक के अध्यक्ष मौलाना कलीम अहमद खान ताहिरी के पुत्र नासिर गनि खान ने दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी को तलाक दे दिया। आज पीड़िता महिला थाने न्याय की गुहार लेकर पहुंची, लेकिन वहां भी पुलिस उसकी सुनवाई नहीं कर रही है। पीड़िता का कहना है कि उसने नोटेरी पर तो एक तलाक लिखकर भेजा, लेकिन जब दरोगा ने फोन पर बात की, तो पति ने साफ शब्दों में कह दिया, कि वह तीन तलाक दे चुका है और अब उसे अपने साथ नहीं रखना चाहता है।
2014 में हुआ था विवाह
जामा मस्जिदआगरा के इमाम की पुत्री रूही फातिमा का विवाह 2014 में सुन्नी उलेमा बोर्ड कर्नाटक के अध्यक्ष मौलाना कलीम अहमद खान ताहिरी के पुत्र नासिर गनि खान ने हुआ था। नासिर शिप इंजीनियर है। रूही ने बताया कि लड़के वालों ने बेंगलुरु में शादी करने के लिए कहा था। दोनोंं ओर से 200-200 लोग इस शादी समारोह में शामिल हुए थे। शादी बेंगलुरु के फेमस समद हाउस शिवजी नगर में हुई थी। लड़के वालों ने अपने घर के पास किसी का घर किराए पर दिलवाया था। उस दौरान शादी का खर्चा लगभग 32 लाख रुपये आया था, लेकिन इसके बाद भी लड़के वालों की डिमांड थी, कि पांच लाख रुपये और चाहिए। इस डिमांड को पूरा कर दिया, लेकिन शादी के दो वर्ष बाद ही नासिर के घरवालों ने 25 लाख रुपये की मांग शुरू कर दिया। ये डिमांड जब पूरी नहीं हुई, तो रूही का उत्पीड़न शुरू कर दिया गया।
पैसे न मिलने पर निर्दयी बने ससुरालीजन
रूही फातिमा ने बताया कि जब ससुरालीजनों की ये डिमांड पूरी नहीं हुई, तो उन्होंने गर्भ में पल रहे बच्चे का अबॉशन कर दिया। उसने विरोध भी किया, लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी। इसके बाद रूही के भाई की शादी थी, जिसमें उसे जाना था, लेकिन उसे शादी में जाने से रोका गया। रूही के पिता निवेदन करके वहां से उसे ले तो आए, लेकिन इसके बाद बात इतनी बिगड़ गई, कि रूही को मायके में तलाक का नोटिस मिल गया। रूही ने बताया कि इस नोटिस पर एक बार तलाक लिखा हुआ था, लेकिन जब वह मामले की शिकायत करने थाने पहुंची, तो वहां दरोगा ने फोन पर पति से बात की, तो पति ने साफ कह दिया, कि उसने तीन तलाक दे दिया है और अब वह रूही को अपने साथ नहीं रख सकता है।