स्वाइन फ्लू का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों के लिए दिख रहा है। स्क्रीनिंग में पाया गया कि कि लगभग 50 प्रतिशत मरीजों की उम्र दस वर्ष से भी कम है।
आगरा। मौसम में बदलाव (weather change) की आहट के साथ बीमारियों ने दस्तक देना शुरु कर दिया है। वायरल से बच्चे-बड़े सब इस मौसम में पीड़ित हैं तो वहीं ताजनगरी में स्वाइन फ्लू swine flu virus का वायरस भी पांव पसार रहा है। स्वाइन फ्लू का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों के लिए दिख रहा है। आगरा में अब तक स्वाइन फ्लू swine flu के कई मामले सामने आ चुके हैं।
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब में जनवरी 2019 से अब तक 212 मरीजों में बीमारी की पुष्टि हुई। स्क्रीनिंग में पाया गया कि कि लगभग 50 प्रतिशत मरीजों की उम्र दस वर्ष से भी कम है। इस लिहाज से बच्चों के बचाव के लिए ज्यादा सावधानी बरतनी है।
वहीं स्वाइन फ्लू की दस्तक के साथ ही स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिन बच्चों या बड़ों में स्वाइन फ्लू का वायरस मिला है उनका वाहक पता लगाया जा रहा है। सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स का कहना है कि वायरस के वाहक की जिला एपीडेमियोलॉजिस्ट की निगरानी में टीम स्टडी कर रही है।
कारण
swine flu Symptoms
रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होना
सर्दी-जुकाम और बुखार को नजर अंदाज करना
सही समय पर डायग्नोस्ट न कराना
सावधानी
swine flu prevention
संभव हो तो भीड़-भाड़ वाले स्थान पर मास्क लगाएं
सर्दी, जुकाम वाले मरीजों से हाथ मिलाने के बाद संभव हो तो हाथ धोएं
एक ही रुमाल से नाक-मुंह न पोंछें
छींकते-खांसते समय मुंह पर रुमाल रखें
मुंह और हाथ पोंछने के लिए अलग-अलग रुमाल रखें
बच्चों को भी स्कूल जाते समय दो रुमाल दें
दूसरे दिन धुला हुआ रुमाल ही प्रयोग करें