आगरा

सूर्य अस्त पंजाबी मस्त गाने के साथ साथ दर्शकों की बजी तालियां

ताजमहोत्सव में पालीवाल पार्क में बॉलीवुड सिंगर आलमगीर के गानों पर झूमे दर्शक
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Feb 27, 2018
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आगरा। बॉलीवुड सिंगर आलमगीर के गीतों ने पालीवाल पार्क में सजी शाम में सतरंगी रंग बिखेर दिए। एक के बाद एक साज और संगीत से सजे गानों की परफोमेंस और हर गाने पर वन्स मोर-वन्स मोर चिल्लाते दर्शत। आलमगीर में अपने बॉडीगार्ड फिल्म में गाए गीत देसी बीट्स शुरू किया तो गाने के साथ पालीवाल पार्क में हर दर्शक झूम उठा। युवा दर्शक अपनी सीट पर थिरकने ही लगे।

गणेश प्रस्तुति के बाद संगीत गीत
सर्प्रथम प्रथम पूज्य देवा श्री गणेशा की प्रस्तुति के बाद शुरू हुआ साजो संगीत के साथ गीतों का सिलसिला। मौका-मौका..., छाप तिलक के बाद एक्शन जेक्सन फिल्म के सूर्य अस्त पंजाबी मस्त गाने के साथ-साथ दर्शकों की बजती तालियां आलमगीर को अप्रत्यक्ष वाहवाही दे रही थीं। वहीं बॉडीगार्ड के सोंग देसी बीट्स पर दर्शकों की वन्स मोर-वन्स मोर की आवाज रुकने का नाम नहीं ले रही थी। एक के बाद एक बेहतरीन परफोमेंस की आवाज ने दर्शकों के दिलों तक दस्तक दी। खिलाड़ी फिल्म का खिलाड़ी भैया खिलाड़ी...गीत को बी काफी सराहना मिली। अमन खान ने भी अपनी आवाज का जादू बिखेरा। संगत अतुल ढिल्लो, लवप्रीत सिंह व सोनी रवि ने दी।

नृत्य और संगीत में होली के रंग दिखे
रंग डारूंगी नंद के लाल..., आओ नंद नंदना... पालीवाल पार्क में ताजमहोत्सव के तहत आयोजित उमंग कार्यक्रम में एक ओर नृत्य और संगीत में होली के रंग दिखे वहीं भारत की संस्कृति और कला को भी दर्शन हुए। देश के विभिन्न प्रांतों के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का शुभारम्भ जिलाधिकारी गौरव दयाल ने प्रथम पूज्य गणपति जी की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर किया।

कथक के साथ हुई प्रस्तुति
अतिथियों का स्वागत उमंग आयोजन समिति के प्रदीप खंडेलवाल ने किया। सर्प्रथम प्रस्तुति रुचि शर्मा ने मां काली की स्तुति ऐ गिरि नंदनि... पर नृत्य प्रस्तुत कर दी। पारम्परिक कथक के साथ रुचि शर्मा ने ग्रुप के साथ रंग डारूंगी नंद के लाल... पर मनमोहक प्रस्तुति दी। वहीं दिल्ली से आयी पं. राजेन्द्र गंगानी की शिष्या अंजना सिंह ने शिव आराधना की प्रस्तुति शंकर अति प्रचंड... के माध्यम से बताया कि शिव ही प्रारम्भ है और शिव ही अंत। उन्होंने कथक की विशेष विधा चतुरंग (गायन, वादन, नृत्य और साहित्य विधा का मिश्रण) की प्रस्तुति से दर्शकों की खूब तालियां बटोरी।

सूफी गीतों का फ्यूजन
डॉ. अर्चना आदित्य म्हसकर ने चैत्र माह में विशेष रूप से गाई जाने वाली चयति के माध्यम से राम जन्म की संगीतमय प्रस्तुति प्रकट भए सुखनंदन हो रामा... दी। वहीं होरी की प्रस्तुति मोरे कान्हा जो ए पलट के व दो सूफी गीतों का फ्यूजन छाप लितक व दमादम... प्रस्तुत किया को दर्श मंत्रमुग्ध हो गए। शुभ्रा तलेगांवकर ने आओ नंद नंदना... व आज बिरज में होरी रे रसिया गीत की संगीतमय प्रस्तुति दी। संचालन डॉ. अनीता सहगल व इस्लाम कादरी ने किया। इस अवसर मंजु गुप्ता रजनी अग्रवाल व ऋतु अग्रवाल ने सम्भाली। इस अवसर पर मुख्य रूप से श्रीकृष्ण अग्रवाल, अजीत बंसल, कौशल गर्ग, जसवंत सिंह, आशुतोष पाठक, आर्पित माहेश्वरी उपस्थित थे।

Published on:
27 Feb 2018 09:59 am