ताज महोत्सव में लगी स्टॉल पर महज दो सौ रुपये किलो में बिक रहे उपन्यास और साहित्य
आगरा। ताजमहोत्सव में 350 स्टॉल लगी हैं लेकिन, एक ऐसी स्टॉल सभी को आकर्षित कर रही है, जो खाने पीने, साज सज्जा की चीजों से अलग है। पढ़ने शौक रखने वाले लोगों के लिए ये स्टॉल काफी किफायती है। इस स्टॉल पर मुंशी प्रेमचंद जैसे नामी लेखकों की किताबें मिल रही है। शिल्पग्राम के लगे ताजमहोत्सव में लगी इस स्टॉल पर महज दो सौ रुपये में साहित्य की पुस्तकें मिल रही है।
लेखकों की किताबें महज दो सौ रुपये किलो
देश और दुनिया के नामी लेखकों की किताबें पढ़ने वालों को ताजमहोत्सव में लगी स्टॉल खूब लुभा रही है। हिंदी साहित्य, उपन्यास, शेरो-शायरी, कॉफी टेबल बुक, इंपोर्टेड चिल्ड्रेन बुक, डिक्शनरी और धर्म-कर्म की किताबें शामिल हैं। शिल्पग्राम में लगी ये स्टॉल नामी लेखकों की किताबें और उपन्यास महज दो सौ रुपये प्रति किलो के भाव से बेच रही है। इस स्टॉल की खासियत है कि यहां देश-विदेश के बड़े-बड़े लेखकों की रचनाएं 200 रुपये प्रति किलो मौजूद हैं। मैक्सिम गोर्की की विश्व प्रसिद्ध कहानियों का हिंदी अनुवाद भी है। ये स्टॉल दिल्ली की बुक अफेयर्स कंपनी ने लगाई है। स्टॉल पर पुस्तक विक्रेता शुभम जैन का कहना है कि ये किताबें विदेश से मंगवाई जाती हैं, इनका कागज काफी हल्का है। इसलिए यह प्रति किताब की अपेक्षा किलो के भाव में अधिक सस्ती पड़ती हैं। यहां पर अंग्रेजी लेखकों में सिड़नी सेल्डॉन, जेफ्री आर्चर, जेम्स पैटर्सन समेत अनेकों लेखकों की सैकड़ों रचनाएं मिल रही हैं। जिन्हें आप महज दो सौ किलो में खरीद सकते हैं। हालांकि इस स्टॉल पर हिंदी की किताबों की संख्या कम है। अंग्रेजी की किताबें अधिक हैं।
किताबों के शौकीनों को लुभा रही दुकान
शुभम जैन का कहना है कि स्टॉल पर आने वाले युवाओं की संख्या बढ़ रही है। नई पीढ़ी में भी पढ़ने का शौक देखकर उन्हें अच्छा लग रहा है। आगरा में 27 फरवरी तक उनकी बुक स्टॉल लगेगी।