
आगरा। श्रावण मास के आखिरी सोमवार को भगवाधारी ताजमहल के पीछे यमुना के तट पर पहुंचे। यहां पर घंटा और शंख निकाला गया। घंटा बजने के साथ जैसे ही शंख बजना शुरू हुआ, तो लोगों की भीड़ यमुना किनारा मार्ग पर लग गई। आखिर हो क्या रहा था, माजरा किसी को समझ नहीं आया, बाद में पता चला कि ताजमहल की आरती की जा रही है और आरती उतारने वाले लोग शिव सैनिक थे। शिव सैनिकों ने भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए कहा कि ये ताजमहल नहीं तेजोमहालय है।
यहां एकत्र हुए शिव सैनिक
सावन के अंतिम सोमवार को शिव सैनिक अलग अलग टुकड़ियों में यमुना की तलहटी ताज कॉरीडोर पर एकत्र हुए। गले में भगवा, हाथों में झंडे लिये हुए पूरा वातावरण भगवामय कर दिया। शिव सैनिकों ने घंटे घड़ियाल व शंख बजाकर तेजोमहालय की आरती उतारी। इसके बाद जय भवानी, जय शिवाजी, शिव सेना जिंदाबाद, ताज नहीं शिव मंदिर, तेजोमहालय को मुक्त करो आदि के नारे लगाये गये।
ये बोले जिला प्रमुख
शिव सेना जिला प्रमुख वीनू लवानियां ने कहा कि ताजमहल शिव मंदिर है और हिन्दुओं की आस्था का प्रमुख प्रतीक है। अगर श्रावण मास में तेजोमहालय की आरती भारत देश में रहकर नहीं उतारेंगे, तो क्या पाकिस्तन या किसी अन्य जगह जाकर उतारेंगे। इस अवसर पर चुन्ना पाण्डेय, शिव कुमार, रश्मि वर्मा, शिवानी वर्मा, माणी, प्रीति अग्रवाल, मधु गुप्ता, नेम सिंह, कृष्ण कुमार दुबे, अवधेश त्रिपाठी, दीपू प्रजापति, संजू यादव, राकेश सचदेवा, सीताराम वर्मा, राकेश जाटव, जयप्रकाश मिश्रा, महेश कुशवाह, अरुण माहौर, अजय, उमेश, शानू, सहित बड़ी संख्या में शिव सैनिक मौजूद रहे।