आगरा

अगर आप 10-19 साल के हैं तो District Hospital के किशोर-किशोरी क्लीनिक जरूर जाएं

-किशोरों में हो जाती है उलझन, इन्हें सुलझाया जाता है -शारीरिक परिवर्तन में घबराएं नहीं, सलाह लेकर मस्त रहें -माता-पिता समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनें और उचित सलाह दें  

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Feb 16, 2020
Teenager

आगरा। किशोर-किशोरियों (10 से 19 वर्ष) को इस अवस्था मे होने वाले शारीरिक व मानसिक बदलावों के प्रति जागरूक करने के लिए यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य दिवस मनाया गया। इस मौके पर किशोर स्वास्थ्य क्लीनिक और साथिया केंद्र पर किशोर और किशोरियों को जागरूक किया गया। उन्हें शरीर में होने वाले बदलाव को लेकर न घबराने की सलाह दी गई।

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समस्याएं अलग-अलग

10 से 19 वर्ष की अवस्था में शारीरिक एवं मानसिक बदलाव बहुत तेजी से होते हैं। किशोर-किशोरी यौन, मानसिक तथा व्यावहारिक रूप से परिपक्व होने लगते हैं। इस दौरान किशोर/किशोरियों की समस्याओं में विभिन्नता के साथ-साथ जोखिम भी अलग-अलग होते हैं। एक विवाहित अथवा अविवाहित, स्कूल जाने वाले तथा न जाने वाले, ग्रामीण या शहरी क्षेत्र के किशोर/किशोरियों की यौन विषय पर जानकारी भी अलग-अलग होती है। इन्हीं उलझनों को सुलझाने के लिए यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य दिवस मनाया गया। अर्श काउंसलर रुबी बघेला ने बताया कि अप्रैल 2019 से अभी तक 2976 किशोरियों और 2817 किशोरों की काउंसलिंग की जा चुकी है।

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आगरा जिला अस्पताल में है किशोर और किशोरी क्लीनिक

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार वत्स ने बताया कि जिला अस्पताल में किशोर और किशोरी अपनी समस्याओं को लेकर आते हैं, प्रशिक्षित काउंसलर काउंसलिंग करके उनकी समस्याओं का समाधान करते हैं। किशोर स्वास्थ्य क्लीनिक में अप्रैल 2019 से अब तक 2817 किशोरों की काउंसलिंग की गई है वहीँ किशोरी स्वास्थ्य क्लिनिक में अब तक 2976 किशोरियों की समस्याओं का समाधान किया गया है। वही किशोरावस्था के दौरान माता-पिता को भी बच्चों की समस्याओं को सुलझाने का प्रयास करना चाहिए। उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनें और उचित सलाह दें न कि नजरंदाज करें।

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जीवन में बदलाव

डी.ई.आई.सी मैनेजर रमाकांत ने बताया कि किशोर स्वास्थ्य क्लीनिकों को अब साथिया केंद्र के नाम से विकसित किया जा रहा है। क्लीनिक पर प्रशिक्षित परामर्शदाताओं द्वारा किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य विषयों पर परामर्श की समुचित सेवाएं मिल रही हैं। इससे उनके जीवन में बड़े बदलाव भी देखने को साफ़ मिल रहे हैं। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य केन्द्रों पर तैनात ए.एन.एम. और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात कम्युनिटी हेल्थ आफिसर से भी संपर्क कर किशोर स्वास्थ्य से जुड़े हर मुद्दों को आसानी से सुलझाया जा सकता है ।

Updated on:
16 Feb 2020 10:11 am
Published on:
16 Feb 2020 10:01 am
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