
आगरा। आगरा मण्डल व्यापार संगठन एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मण्डल द्वारा आयकर आयुक्त रीता जौहरी को शिक्षण संस्थाओं के छात्रों को सामान बेचने वाले व्यापारियों द्वारा बस्ते, ड्रेस व स्टेशनरी आदि के नाम पर हो रही खुली लूट के सम्बन्ध में एक ज्ञापन शिक्षा प्रकोष्ठ की चैयरमैन डॉ. मंजू गुप्ता द्वारा पढ़कर सुनाया गया।
हो रही लूट
अधिकारियों को बताया गया कि छात्रों का सामान बेचने वाले व्यापारियों का अभिभावकों के साथ व्यवहार तो ठीक नहीं रहता है, उसके साथ ही 200 से 300 प्रतिशत के प्रोफिट पर छात्रों को स्टेशनरी, किताब-काॅपी आदि का सामान विक्रय करते हैं, जिससे कि मध्यम श्रेणी के गरीब परिवारों की रसोई का बजट बहुत ही प्रभावित हो गया है। शिक्षा के नाम पर विभिन्न प्रकार की फीस शिक्षण संस्थायें कई-कई बार वसूल करती हैं तथा स्कूलों द्वारा लागू साप्ताहिक ड्रेस कोड को भी अभिभावकों को खरीदना पड़ता है।
बिना बिल के मिल रहा सामान
संगठन के पदाधिकारियों ने आयकर आयुक्त से आग्रह किया कि दुकानदार बिना बिल के किताब-काॅपी देते हैं तथा बिल मांगने के बावजूद भी अभिभावकों को बिल नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि इनके यहां छापा डालकर इनकी आय का आंकलन किया जाना चाहिए। आयुक्त ने आयकर निरीक्षक विजय सिंह को भी उक्त बैठक में बुला लिया। उन्होंने भी संगठन द्वारा प्रेषित शिकायतों को बाकायदा अपनी डायरी में नोट किया तथा उन पर शीघ्र ही कार्रवाई का आश्वासन दिया।
ये रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने वालों में आगरा मण्डल व्यापार संगठन के गोविन्द अग्रवाल, भूपेन्द्र सिंह सोबती, बृजेश पण्डित, डॉ. मंजू गुप्ता, केपी सिंह, विकास मोहन बंसल, शिशिर भगत, राजकुमार अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, संजय अग्रवाल, रिंकू अग्रवाल, चन्द्रमोहन खण्डेलवाल, शशि गुप्ता, ममता पचैरी, पवन बंसल, राजकमल जैसवाल, सर्वेश, त्रिलोक चन्द शर्मा, पारस कुमार जैन, अभिषेक सिंघल, प्रकाश चन्द अग्रवाल, प्रदीप गर्ग, तन्मय अग्रवाल, अनिल अम्बेश आदि उपस्थित थे।