आगरा

दरोगा ने शराब की एक बोतल के लिए नीलाम की खाकी, पूरा मामला हुआ कैमरे में कैद, देखें वीडियो

दरोगा ने रिश्वत भी ऐसी मांगी कि खाकी पर लगे सितारों के गर्व से उठा मस्तक शर्म से झुक जाएगा।
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Updated: 8 Feb 2018, 6:25 PM IST
UP Police

आगरा। आपकी सेवा में सदैव तत्पर... यह पंचलाइन उत्तर प्रदेश पुलिस की जो इमेज बनाने और जो संदेश देने के लिए लिखी गई है उससे बिल्कुल उलट चरित्र सामने आया है। वारदात का खुलासा करना तो दूर उल्टा पीड़ित से ही रिश्वत मांगी जा रही है। रिश्वत भी ऐसी की खाकी पर लगे सितारों के गर्व से उठा मस्तक शर्म से झुक जाए। ताजनगरी की पुलिस की ऐसी शर्मसार करने वाली हरकत सामने आई है। एक दरोगा ने एक बोतल शराब के लिए खाकी की गरिमा ही नहीं गिराई कानून पर अटूट विश्वास को सरे बाजार नीलाम कर दिया है। बाइक चोरी की एफआर लगाने के लिए सिकंदरा थाने के दरोगा ने 100 पाइपर शराब की बोतल की डिमांड कर दी। दरोगा का सुस्साहस देखिए, एक पत्रकार को भी नहीं बख्शा। यह पूरी हरकत कैमरे में कैद हो गई।

ये है मामला
दरअसल थाना सिकंदरा क्षेत्र में अन्ना आईकॉन कॉम्पलैक्स में यूपी पत्रिका, राजस्थान पत्रिका समूह का कार्यालय है। इस कार्यालय में कार्यरत पत्रकार अभिषेक सक्सेना की बाइक संख्या यूपी 80 सीएम 8434 बजाज प्लेटिना दिनांक 20 नवंबर 2017 की शाम करीब पौने आठ बजे कार्यालय की पार्किंग से चोरी हो गई थी। इस संबंध में डायल 100 पुलिस को सूचना दी गई। डायल 100 की गाड़ी को आते आते इतना समय बीत गया कि बाइक चोर आसानी से शहर के बाहर निकल गया। बाइक चोरी के संबंध में सिकंदरा थाना में तहरीर दी गई, जिसके बाद बाइक चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। तत्कालीन इंस्पेक्टर राजेश पाण्डेय से कई बार बाइक तलाश के संबंध में बात की गई लेकिन पुलिस ने कभी भी बाइक चोर की तलाश के लिए कोई प्रयास ही नहीं किया।

दरोगा का आया फोन

महीने बीत जाने के बाद आठ फरवरी 2018 को सुबह 11:41 पर थाना सिकंदरा में तैनात दरोगा और आईओ अनुज कुमार का फोन नंबर 6395297857 से अभिषेक सक्सेना के पास फोन आया। दरोगा ने अभिषेक को थाना सिकंदरा बुलाया औऱ कहा कि बाइक चोरी के मामले में एफआर लग जाएगी। थाने में जाने पर दरोगा ने कहा कि एफआर आज लग जाएगी और आगे लिए प्रेषित कर दी जाएगी। इसके बाद शाम 4.53 पर दरोगा अनुज कुमार का अभिषेक के मोबाइल पर दोबारा फोन आता है। दोरगा अनुज कुमार फोन पर कहते हैं कि 'एफआर लग गई है, मैं अपना ड्राइवर भेज रहा हूं, उन्हें कुछ समझ लेना'। इसके बाद दो बारा लगातार फिर फोन आया कि ड्राइवर साहब आपके ऑफिस के नीचे खड़े हैं। जब फोन करने वाले दरोगा से स्पष्ट रूप से पूछा गया कि क्या समझा जाए, तो उन्होंने कहा कि ड्राइवर साहब आ गए हैं अभी वह बात कर लेगें।

बनाई पूरे मामले की वीडियो

इस मामले में रिश्वतखोरी की बू आने के चलते पत्रिका टीम ने फोन पर बातचीत का पूरा वीडियो बना लिया। दरोगा से फोन पर अभिषेक की स्पीकर आॅन करके बात हुई, जिसमें दरोगा अनुज कुमार साफ कहते सुनाई दे रहे हैं, कि उनके ड्राइवर पहुंच चुके हैं। इसके बाद पत्रिका कार्यालय के नीचे पुलिस की गाड़ी खड़ी दिखाई दी, जिसमें दरोगा अनुज कुमार बैठे हुए थे और उन्होंने अपनी गाड़ी के ड्राइवर सिपाही राम किशन यादव को भेजा।

शराब की बोतल की मांग
सिपाही राम किशन अभिषेक सक्सेना के पास पहुंचे और कहते हैं, कि दरोगा जी ने भेजा है। अभिषेक ने पूछा क्या करना है, तो सिपाही ने कहा कि 100 पाइपर की बोतल मंगाई है दरोगा जी ने। अभिषेक ने कहा कि कितने की आती है, ये बोतल। सिपारी रामकिशन यादव ने कहा कि 1000 रुपए की। बातचीत का ये पूरा वीडियो कैमरे में कैद हो गया। इसके बाद अभिषेक ने अपना परिचय दिया, तो सिपाही बैकफुट पर आ गया।

एसएसपी की सख्ती के बाद भी यह हाल

बड़ी बात ये है कि जिस व्यक्ति की बाइक चोरी हुई है, वो पहले से ही परेशान है, इसके बाद पुलिस उसकी बाइक भी नहीं खोज पाई और अब एफआर लगाने के नाम पर शराब की बोतल और मांगी जा रही है। हालत यह तब है जब आगरा के एसएसपी अमित कुमार पाठक लगातार पुलिस महकमे को भ्रष्टाचारमनुक्त बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

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