मार्कशीट और डिग्री के लिए भटकते हैं छात्र, बीएड की फर्जी मार्कशीट जेनरेट कर फर्जी शिक्षक बन चुके हैं हजारों
आगरा। डॉ.भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय अपना 83वां दीक्षांत समारोह मना रहा है। इन वर्षों में आगरा के इस विश्वविद्यालय से कई शख्सियतों ने देश का नाम रोशन किया है। विश्वविद्यालय ने देश की राजनीति में कई बड़े नेता दिए, तो वैज्ञानिकों के नाम भी शुमार है। मरीजों की सेवा करने वाले नामी चिकित्सकों ने आगरा के इस विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और चिकित्सा जगत में नाम कमाया। आईएएस, पीसीएस अधिकारियों की एक लंबी चौड़ी सूची इस विश्वविद्यालय से जुड़ी है। लेकिन, पिछले कुछ सालों में डॉ.भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की साख इस कदर बिगड़ी, कि यहां से पढ़ाई करने वाले छात्र मार्कशीट, डिग्री और अन्य प्रमाणपत्रों के लिए भटकते देखे जा सकते हैं। यूनीवर्सिटी की साख इस कदर खराब हुई कि यहां एसआईटी तक जांच करने पहुंच गई।
फर्जी डिग्री से सैकड़ों ने ली सरकारी नौकरी
हाईकोर्ट ने एसआईटी की टीम गठित कर डॉ.भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से पांच हजार के करीब छात्रों ने फर्जी बीएड मार्कशीट हासिल की। सत्र 2004—05 में बीएड की 4570 फर्जी मार्कशीट जेनरेट हुईं। इन मार्कशीट से सैकड़ों लोगों ने फर्जी शिक्षक की नौकरी पाईं। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा, तो एसआईटी गठित की गई। अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ हुई। फर्जी शिक्षकों पर एफआईआर की प्रक्रिया चल रही है। डॉ.भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से बीएड किए हुए छात्र छात्राओं के लिए नौकरी में भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्राइवेट कंपनी ने किया यूनीवर्सिटी को ब्लैकलिस्टेड
डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में पिछले कुछ सालों से बीएससी, बीएड, बीएससी एग्रीकल्चर, एमबीबीएस और बीटेक की फर्जी डिग्री पकड़ीं जा चुकी हैं। इन मामलों की जांच एसआईटी कर रही है। विवि की फर्जी डिग्री और मार्कशीट पकड़ी जाने के बाद निजी कंपनियों ने नौकरी देने से इन्कार कर दिया है। विवि के आगरा कॉलेज से 2008 में बीए प्राइवेट कर चुके दिल्ली निवासी राजेश रौतान ने कुलसचिव केएन सिंह को मेल किया है। इस मेल में उन्होंने लिखा है कि उन्होंने विवि से बीए किया था, इसके बाद से वे दिल्ली में नौकरी कर रहे थे। सात साल का अनुभव है। जब उन्होंने प्रमोशन के लिए एक बडी कंपनी में आवेदन किया, कई राउंड के इंटरव्यू के बाद उनका सलेक्शन हो गया। कई राउंड के इंटरव्यू में सलेक्शन होने के बाद 9 अक्टूबर को ज्वाइन करने के लिए कहा गया। इसके साथ ही हाईस्कूल से लेकर ग्रेजूएशन तक का रिकॉर्ड आॅनलाइन दर्ज कराया गया। इसमें उन्होंने बीए अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा लिखा। उन्हें बताया गया कि जहां से बीए किया है। वो यूनिवर्सिटी ब्लैक लिस्टेड है। इसलिए ज्वाइनिंग नहीं कर सकते हैं, अभी होल्ड पर रखा गया है।