घी के नीचे छिपाकर लाई गई 20 किलो चरस के साथ बिहार के दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों कई वर्षों से नेपाल में रह रहे हैं। नेपाल की महिला तस्कर से दोनों माल खरीदकर आगरा में बेचते थे।
मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद अब्दुल ने पुलिस को बताया कि वह अब नेपाल के काठमाडू बस गए हैं। काठमांडू की बबिता नशे का नेटवर्क चलाती है और माल नेपाल से लगी रक्सौल (बिहार) सीमा के रास्ते भेजा जाता है। वो खुद माल लेकर आते हैं तो पांच हजार रुपये प्रति किलोग्राम पड़ता है।
इसलिए सीमा पर सख्ती होने पर बबिता मजदूरों के माध्यम से नदी के रास्ते चरस भेजती है। मजदूर इसके लिए प्रति किलोग्राम दो हजार रुपये कमीशन लेते है। चरस वहां से अलग-अलग शहरों में सप्लाई की जाती है। जानकारी मिली है कि वे अब तक चार बार चरस सप्लाई कर चुके हैं। सात हजार रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदी गई चरस एक लाख रुपये किलोग्राम तक बेची थे।
नेपाल से बिहार के रास्ते चरस की तस्करी का नेटवर्क खंगाल रही एसटीएफ को सफलता मिली। घी के नीचे छिपाकर लाई गई 20 किलो चरस के साथ बिहार के दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसी बीच जेल भेजने से पहले एक तस्कर मेडिकल परीक्षण के दौरान जिला अस्पताल से भाग निकला। बाद में घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया।
चरस को तस्करी की सूचना पर शुक्रवार रात को इनर रिंग रोड के पास चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान पैदल आते दो संदिग्ध युवकों को रोका गया, जिनके पास दो कट्टियां थीं। शक के आधार पर कट्टियों को चेक किया तो घी के नीचे दोनों से 20 किलो चरस बरामद हुई। -इंस्पेक्टर एसटीएफ यतींद्र शर्मा