नोएडा से अपनी सैलरी लेकर लौट रही लड़की के साथ यमुना एक्सप्रेस-वे पर चलती कार में गैंगरेप किया गया है।
नोएडा से फिरोजाबाद जा रही लड़की के साथ यमुना एक्सप्रेसवे पर तीन लोगों ने गैंगरेप किया। हालत बिगड़ने पर लड़की को आगरा में एक टेंपो में बैठाकर फरार भाग गए। आगरा पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
नोएडा सेक्टर-37 से ली थी शेयरिंग कैब
ओरैया के बिधूना में रहने वाली लड़की ने मंगलवार रात नोएडा से फिरोजाबाद जाने के लिए शेयरिंग कैब ईको ली थी। उस समय कार में कई लोग बैठे थे। रात को करीब 1 बजे जब कार यमुना एक्सप्रेस-वे पहुंची। सारी सवारियां वहां उतर गई। लड़की जब उतरने लगी तो ड्राइवर ने कहा वह भी औरेया जा रहा है। लड़की को वहां छोड़ देगा। जिस वजह से लड़की कार में बैठी रही।
3 घंटे तक तीन लोगों ने की दरिंदगी
गाड़ी में रात होने की वजह से लड़की को नींद आ गई। उसे पता नहीं चला कि ड्राइवर ने कार दूसरी तरफ मोड़ ली है। थोड़ी दूर चलते ही ड्राइवर ने अपने दो और दोस्तों को बुला लिया। इन लोगों को भी कार में बैठा लिया।
इसके बाद ड्राइवर और उसके दोनों दोस्त लड़की से छेड़छाड़ करने लगे। तीनों ने रात एक बजे से चार बजे के बीच उसके साथ गैंगरेप किया।
बदहवास छात्रा को टेंपो में बैठा कर भागे दरिंदे
सुबह 4 बजे के करीब तीनों ने देखा कि लड़की की हालत अब बिगड़ रही है। तो उन्होंने फिरोजाबाद जा रहे टेंपो में लड़की को बैठा दिया और वहां से भाग गए। बुधवार सुबह 7 बजे लड़की की तबीयत कुछ ठीक हुई तो उसने खुद को संभाला और आगरा के एत्मादपुर थाने में पहुंचकर अपने साथ गैंगरेप की वारदात के बारे में जानकारी दी।
पुलिस लड़की को घटनास्थल पर लेकर गई और सारी जानकारी ली। इसके बाद DCP पश्चिमी जोन सत्यजीत गुप्ता भी मौके पर पहुंचे। पीड़िता से पूछताछ में पता चला कि गैंगरेप करने वाले आपस में चाचा, जयवीर और टीटू नाम ले रहे थे।
आगरा के पुलिस कमिश्नर प्रीतिंदर सिंह ने घटना को लेकर बताया कि लड़की से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने कुबेरपुर टेंपो स्टैंड पर जाकर कार ड्राइवर के बारे में पूछताछ की। इसके बाद पुलिस तीनों आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। कार को भी आईडेंटीफाई कर लिया है।
बकाया सैलरी लेने नोएडा गई थी
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके परिवार की आर्थिक स्थित अच्छी नहीं है। वह 12वीं में पढ़ रही हूं। उसने कुछ महीने पहले नोएडा में मौसी के घर रहकर एक कपड़े की फर्म में नौकरी की थी। पिता की तबीयत ठीक ना होने की वजह से दो महीने पहले नौकरी छोड़ दी थी और अपने घर औरेया आ गई थी। सैलरी के 10 हजार उस कंपनी के पास रह गए थे। वहीं लेने वह नोएडा गई थी। सैलरी लेकर लौट रही थी कि रास्ते में ये घटना हो गई।