मथुरा-वृंदावन (Mathura Vrindavan) में तीन दिन से जुटे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (Rashtriya Swayam Sevak Sangh RSS) के बड़े नेताओं ने भी सरकार और संगठन के वर्तमान व भविष्य के स्वरूप को लेकर चर्चा की है।
आगरा। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी सरकार (yogi government) के कैबिनेट विस्तार (Yogi Adityanath cabinet expansion) की लंबे समय चली आ रही अटकलों अब विराम लगने का समय नजदीक आ रहा है। लखनऊ में अमित शाह (Amit Shah) के दौरे के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार का स्वरूप तय हो चुका है अब सिर्फ औपचारिकता शेष है। वहीं सूत्रों के मुताबिक मथुरा-वृंदावन (Mathura Vrindavan) में तीन दिन से जुटे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (Rashtriya Swayam Sevak Sangh RSS) के बड़े नेताओं ने भी सरकार और संगठन के वर्तमान व भविष्य के स्वरूप को लेकर चर्चा की है।
उत्तर प्रदेश में संभावित कैबिनेट विस्तार में इस बार ब्रज को जगह मिलना तय है। इसके दो मजबूत कारण हैं। पहला एसपी सिंह बघेल का लोकसभा में पहुंच जाना। एसपी सिंह बघेल टूंडला विधानसभा सीट से विधायक थे और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री लेकिन भाजपा ने उन्हें 2019 लोकसभा चुनाव में टिकट दिया। एसपी सिंह बघेल अब सांसद हैं। एसपी सिंह बघेल के सांसद बनने के बाद ब्रज में उनकी जगह एक मंत्री आगरा से बनना तय है। वहीं दूसरी बड़ी वजह है ब्रज का लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन। ब्रज की 13 में से 12 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की। इसके बाद माना जा रहा है कि कैबिनेट में ब्रज का दबदबा बढ़ना तय है। यानि कि इस बार दो और मंत्री ब्रज को मिल सकते हैं।
सूत्रों की मानें तो इस बार कैबिनेट विस्तार में ब्रज से दो मंत्री बनाए जा सकते हैं। एक मंत्री आगरा से तो दूसरा मंत्री एटा-कासगंज से बनाया जा सकता है। हालांकि एटा से पहले से ही कल्याण सिंह के पौत्र संदीप सिंह शिक्षा राज्यमंत्री हैं लेकिन सूत्रों की मानें तो इस बार संभावित विस्तार में एटा या कासगंज से एक और मंत्री को जगह मिलेगी तो वहीं आगरा से एक मंत्री तय है। जहां तक बात की जाए मंत्री पद के प्रबल दावेदारों की तो पार्टी सूत्रों के मुताबिक एक वैश्य के मंत्री बनने की प्रबल संभावना है।