पैतृक स्थल बटेश्वर सहित अटलजी के स्मृतियों के स्थानों को सजीव रखने के लिए होंगे विशिष्ट कार्य
आगरा। अटल बिहारी वाजपेयी ने जहां बचपन बिताया था। उस बटेश्वर में लोगों की आंखें नम है। हर घर में शोक है। घरों में चूल्हे नहीं जले हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी सरकारों में यूपी के बटेश्वर में विकास के लिए एक रेलवे ट्रैक का शिलांयास किया था। उनकी इच्छा बटेश्वर को पर्यटनस्थल बनाने की थी। लेकिन, उनके रहते ऐसा नहीं हो सका। जब अटल बिहारी वाजपेयी नहीं है। तब योगी सरकार ने बड़ी घोषणा की है। यूपी के बटेश्वर में अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों को सजीव बनाए रखने के लिए विशिष्ट कार्य किए जाएंगे। वहीं शुक्रवार को सभी सरकारी स्कूल और सरकारी दफ्तरों में अवकाश घोषित किया गया है।
बटेश्वर को थी बड़ी आस
गुरुवार को जब भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की तबियत बिगड़ी और डॉक्टरों ने उनकी हालत को काफी नाजुक बताया तो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के पैतृक गांव में हर किसी ने उनके स्वस्थ्य होने की कामना की। बटेश्वर के ब्रह्मलाल मंदिर में भगवान भोले के दर पर महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया गया। पूर्व प्रधानमंत्री के दूर के रिश्तेदारों ने तुलसी पूजा शुरू की। लेकिन, समय ऐसी दुखद खबर लेकर आया कि सभी स्तब्ध रह गए। गुरुवार शाम पांच बजकर पांच मिनट पर जब अटल बिहारी वाजपेयी ने आखिरी सांस ली तो किसी को यकीन नहीं हुआ। गांव शोक में डूब गया। बटेश्वर को उम्मीद थी कि अटलजी का स्वास्थ्य सही हो जाएगा। लेकिन, ऐसा नहीं हो सका और सभी के चहेते नेता ने साथ छोड़ दिया।
योगी सरकार कराएगी विशिष्ट कार्य
अटल बिहारी वाजपेयी का पैतृक स्थल बटेश्वर आज जीर्णशीर्ण हालत में है। सूबे में जब भाजपा की सरकार बनी तो सभी को उम्मीद थी कि कुछ खास हो सकता है। लेकिन, डेढ़ साल के कार्यकाल में भी कोई विकास नहीं हो सका। अब जब अटल बिहारी वाजपेयी नहीं रहे। तब योगी आदित्यनाथ सरकार ने घोषणा की है कि उनके स्मृतियों के स्थलों पर विशिष्ट कार्य कराए जाएंगे ताकि वे सजीव रह सकें। इसमें बटेश्वर भी शामिल है। वहीं शुक्रवार को प्रदेश के सभी सरकारी दफ्तर और स्कूल बंद रहेंगे।