
आगरा।योगी आदित्यनाथ की सरकार को एक साल पूरा हो गया। आगरा में भारतीय जनता पार्टी के नौ विधायक हैं। नौ विधायकों के लिए योगी आदित्यनाथ की सरकार ने कई कार्यों की घोषणाएं की हैं लेकिन उनका धरातल पर उतरने का इंतजार है। मेट्रो परियोजना हो या फिर गंगाजल सभी योजनाओं का धरातल पर आने का इंतजार है। आने वाले सालों में आगरा के विकास को पंख लगे दिख सकते हैं।
सड़कें हुई गड्ढा मुक्त लेकिन पर्यटकों का इंतजार
योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने की घोषणा की थी। आगरा में करोड़ों रुपये से सड़कों को गड्ढामुक्त कराया गया है। कई स्थानों पर सड़कों की हालत ऐसी थी कि वहां से निकलना दुश्वार होता था लेकिन, आज सड़कों से गड्ढे कम होते दिखे हैं। लेकिन, पर्यटकों के इंतजार में आज भी ताजनगरी टकटकी लगाए बैठी है। यहां आने वाला पर्यटक ताजमहल देखकर ही लौट जाता है।
पानी के लिए प्रयास, जल्द मिलेगा गंगाजल
आगरा में भाजपा के विधायक योगेंद्र उपाध्याय लगातार आगरा में पीने के पानी के लिए प्रयासरत हैं। वहीं सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह भी आगरा के विकास के लिए करोड़ों रुपये की सौगात देने की घोषणा करके गए हैं। गंगाजल के लिए प्रयासरत भाजपा विधायक का दावा है कि जून तक आगरावासियों को गंगाजल उपलब्ध हो जाएगा।
एसएन 'एम्स' को आॅक्सीजन की दरकार
आगरा को मेडिकल हब के नाम से जाना जाता है। यहां देश दुनिया के नामी गिरामी चिकित्सक हैं। आगरा में एसएन मेडिकल कॉलेज को एम्स जैसी सुविधाएं देने की घोषणा सिर्फ घोषणा बनकर रह गई। यहां आज भी दवाओं के लिए मरीजों को दर दर भटकना पड़ता है।
शिक्षामित्रों की समसया बरकरार
शिक्षामित्रों के लिए योगी सरकार ने कुछ नहीं किया। ऐसा शिक्षामित्र लगातार आरोप लगा रहे हैं। शिक्षामित्रों को समायोजित करने का रास्ता सुप्रीम कोर्ट ने बंद कर दिया, तब से लेकर आज तक आगरा जनपद के शिक्षामित्र भाजपा सरकार के खिलाफ हैं।
अवैध बूचड़खाने फिर चल उठे
योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सरकार बनने के बाद बूचड़खानों पर कार्रवाई शुरू की थी। अवैध बूचड़खाने बंद कराए गए थे। लेकिन, विभागों की लचर कार्यप्रणाली के चलते ये बूचड़खाने फिर से संचालित हो उठे हैं।
आने वाले दिनों में बहुरेंगे आगरा के दिन
आगरा में आने वाले सालों में अलग ही माहौल देखने को मिलेगा। मेट्रो रेल की डीपीआर तैयार हो गई है। जल्द ही इस पर काम शुरू होगा। कई कोरीडोर के साथ आगरा में मेट्रो रेल चलेंगी। स्मार्ट सिटी के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आगरा में बैराज के लिए स्वीकृति मिली है, जिससे पेयजल का संकट खत्म होने की संभावनाएं व्यक्त की जा रही हैं।