अहमदाबाद

गुजरात में एनएफएसए के 56 लाख शंकास्पद, 15.56 लाख प्रमाणित

-अन्न एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बावलिया ने कहा किसी का एनएफएसए कार्ड नहीं किया जाएगा रद्द, प्रमाण देने पर किया जाएगा प्रमाणित

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Ahmedabad. गुजरात में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत पंजीकृत 3.60 करोड़ राशन कार्ड में से केन्द्र सरकार की ओर से अलग-अलग डेटा के आधार पर 5657519 एनएफएसए कार्ड को शंकास्पद सूची में डाला है। इसमें से 1566492 राशनकार्ड धारकों के राशनकार्ड को प्रमाणित किया जा चुका है। अन्य राशनकार्ड को प्रमाणित करने की प्रक्रिया भी चल रही है।

गुजरात के अन्न एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री कुंवरजी बावलिया ने संवाददाताओं को बताया कि राज्य में योग्यता रखने वाले किसी भी लाभार्थी का एनएफएसए राशनकार्ड रद्द नहीं किया जाएगा।उन्होंने बताया कि राज्य में अभी तीन करोड़ 60 लाख 19 हजार 376 एनएफएसए राशनकार्ड लाभार्थी हैं। केन्द्र सरकार की ओर से अलग अलग ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध डेटा के आधार पर पात्रता रखने वाले राशनकार्ड धारकों में से गुजरात के 56 लाख 57 हजार 519 कार्ड धारकों को शंकास्पद बताते हुए उनकी सूची राज्य सरकार को सौंपी गई है। राज्य सरकार ने इस शंकास्पद सूची में शामिल राशनकार्ड में से अब तक 15 लाख 66 हजार 492 राशनकार्ड धारकों के दस्तावेजों की जांच कर ली है और उसे प्रमाणित भी कर दिया है। अन्य शेष बचे 40 लाख 91 हजार राशनकार्ड धारकों की जांच की प्रक्रिया जारी है।

केन्द्र के मुकाबले गुजरात में दोगुनी जमीन का मापदंड

बावलिया ने बताया कि एनएफएसए कार्ड की योग्यता का मापदंड केन्द्र सरकार और गुजरात सरकार में अलग अलग है। केन्द्र सरकार के मापदंड के तहत एक हेक्टेयर यानि 2.47 एकड़ से ज्यादा जमीन रखने वाले लोगों को ही एनएफएसए कार्ड धारकों की सूची में शामिल किया गया है, जबकि गुजरात में यह मापदंड पांच एकड़ से 7.5 एकड़ का है। उन्होंने कहा कि गुजरात में सिंचित जमीन हो और दो फसल ली जाती हो तो ऐसे मामलों में पांच एकड़ धारक लाभार्थी होता है। सिंचाई के साधन न हों और एक ही बार में फसल ली जाती हो तो ऐसे में जमीन की सीमा 7.5 एकड़ निर्धारित की गई है। इसके चलते गुजरात में पात्रता का आंकड़ा काफी कम रहता है।

तहसीलदार कार्यालय में जांच बाद पूर्ववत हो जाएगा कार्ड

बावलिया ने बताया कि इस सूची में शामिल व्यक्ति के राशनकार्ड को रद्द न करके गैर-एनएफएसए राशनकार्ड में परिवर्तित किया जाएगा। इसकी सूचना भी तहसीलदार कार्यालय से दी जाएगी। ऐसे में योग्यता रखने वाले व्यक्ति अपनी योग्यता के दस्तावेज देकर जांच कराते हुए कार्ड को फिर से एनएफएसए में पूर्ववत करा सकेंगे। इसके लिए तहसीलदार की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है।

अब तक इतनों की जांच

आधारकार्ड के तहत मृत्यु होने से -1338, छह माह से एक साल तक राशन न लेने वाले 132697 लाभार्थी, एक साल से राशन न लेने वाले 976085, डुप्लीकेट ना, एक से ज्यादा राज्य में राशनकार्ड वाले 3894, राज्य के अन्य जिलों में डुप्लीकेट लाभार्थी 22700, 100 साल से ज्यादा आयु वाले 17360, 18 साल से नीचे, एक सदस्य वाले राशनकार्ड 7806, पीएम किसान योजना एक हेक्टेयर से ज्यादा जमीन रखने वाले 317660, कंपनी में निदेशक लाभार्थी 5496, 6 लाख से ज्यादा आय वाले 79454, जीएसटी डेटा के तहत 25 लाख से ज्यादा टर्न ओवर वाले 2002 राशनकार्ड धारक की जांच की गई है।

Published on:
12 Aug 2025 10:37 pm
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