
Ahmedabad: मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले और अहमदाबाद के एक होटल में वेटर के रूप में कार्यरत 58 वर्षीय प्रशुन भौमिक घर के बाथरूम में गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन दो दिन तक गहन उपचार के बावजूद चिकित्सक उन्हें नहीं बचा सके और रविवार को उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया।जीवनसाथी को खोने का गम किसी भी परिवार के लिए असहनीय होता है, लेकिन इसी कठिन समय में प्रशुन भौमिक की पत्नी क्षमाबेन ने साहस और संवेदनशीलता का परिचय दिया। सिविल अस्पताल की अंगदान टीम के डॉ. मोहित चंपावत की काउंसलिंग के बाद उन्होंने पति का लिवर और दोनों किडनी दान करने की सहमति दी। इन अंगों का प्रत्यारोपण सिविल मेडिसिटी परिसर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजीज एंड रिसर्च सेंटर (आइकेडीआरसी) में उपचाररत तीन जरूरतमंद मरीजों में किया जाएगा।
स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने कहा कि 250वें अंगदान का यह मुकाम पूरे गुजरात के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने अंगदाताओं के परिवारों को नमन करते हुए कहा कि सरकार अंगदान महादान का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने कहा कि 250वां अंगदान केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि समाज में बढ़ती जागरूकता, चिकित्सा व्यवस्था पर विश्वास और निस्वार्थ सेवा की भावना का प्रतीक है।
अस्पताल को अब तक इन 250 दाताओं से अब तक 462 किडनी, 224 लिवर, 78 हृदय, 34 फेफड़े, 21 पैंक्रियाज, छह हाथ और दो छोटी आंत सहित कुल 827 अंग प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा 198 नेत्र और 48 त्वचा का दान भी मिला है। इस प्रकार अस्पताल में अब तक कुल 1,073 अंग एवं ऊतकों का दान हो चुका है, जिनसे अनेक मरीजों को नया जीवन और नई उम्मीद मिली है।