अहमदाबाद

अब गंभीर मरीजों को समय रहते बेहतर इलाज सिविल अस्पताल में अत्याधुनिक स्किल लैब शुरू

इस लैब में डॉक्टरों, मेडिकल विद्यार्थियों, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को मरीज जैसी वास्तविक परिस्थितियों में आधुनिक सिमुलेशन तकनीक के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं और अधिक प्रभावी बन सकेंगी तथा इसका सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा।
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Ahmedabad civil hospital
अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में लैब शुरु करते समय मौजूद स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया व अन्य।

Ahmedabad: सड़क दुर्घटना, हार्ट अटैक, सांस रुकने या अन्य गंभीर आपात स्थितियों में मरीज की जान बचाने के लिए डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों का हर निर्णय और हर सेकंड बेहद अहम होता है। ऐसे मामलों में इलाज की गुणवत्ता और त्वरित निर्णय क्षमता को और बेहतर बनाने की दिशा में अहमदाबाद सिविल अस्पताल परिसर स्थित 1200 बेड अस्पताल में अत्याधुनिक नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट (एनईएलएस) स्किल लैब शुरू की गई है।

स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने केंद्र सरकार के अनुदान से निर्मित तथा बी.जे. मेडिकल कॉलेज संचालित इस लैब का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मेडिकल शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रह सकती। डॉक्टर बनने के लिए व्यावहारिक कौशल और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस लैब में मानव शरीर की संरचना वाले अत्याधुनिक प्लास्टिक सिमुलेटर पर लाइव प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे डॉक्टर और विद्यार्थी श्वासनली में सही तरीके से ऑक्सीजन पहुंचाने, आपातकालीन प्रोटोकॉल का पालन करने तथा गंभीर मरीजों के उपचार से जुड़ी जटिल प्रक्रियाओं का सुरक्षित वातावरण में अभ्यास कर सकेंगे।

बढ़ेगी उपचार क्षमता

उन्होंने कहा कि अनुभवी विशेषज्ञों की निगरानी में मिलने वाला यह प्रशिक्षण मरीजों की जान बचाने की क्षमता को और मजबूत करेगा। साथ ही भविष्य में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) और शिशु मृत्यु दर (आइएमआर) में कमी लाने में भी यह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

देशभर में 120 स्किल लैब

राज्यमंत्री दर्शना वाघेला ने कहा कि भारत सरकार द्वारा देशभर में स्थापित की जा रही 120 स्किल लैब में से एक यह लैब गुजरात के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ को आधुनिक आपातकालीन चिकित्सा, विशेषकर सीपीआर और अन्य जीवनरक्षक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे आपदा और आपात स्थितियों में अधिक से अधिक मरीजों की जान बचाई जा सकेगी। इस अवसर पर इस अवसर पर शहरी विकास एवं शहरी आवास राज्यमंत्री दर्शनाबेन वाघेला, सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी, डीन डॉ. मीनाक्षीबेन, स्पाइन इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. पियूष मित्तल, उप सचिव विपुल वसावा व अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।

Updated on:
28 Jul 2026 10:40 pm
Published on:
28 Jul 2026 10:40 pm