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आणंद जिले के रास गांव की सीमा में स्थित एक हजार बीघा जमीन पर धान की फसल नष्ट

आणंद. जिले के बोरसद क्षेत्र में हुई भारी बारिश किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बनती जा रही है। रास गांव की सीमा में स्थित एक हजार से अधिक बीघा जमीन पर भरा बारिश का पानी पांच दिन बाद भी नहीं उतरने से धान की फसल नष्ट हो गई है। फसल खराब होने के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाने की नौबत आ गई है।
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Paddy crop destroyed on 1,000 *bighas* of land in the Ras village area of ​​Anand district

आणंद जिले के रास गांव की सीमा में धान की नष्ट फसल।

पांच दिन बाद भी नहीं उतरा बारिश का पानी, किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाने की नौबत

आणंद. जिले के बोरसद क्षेत्र में हुई भारी बारिश किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बनती जा रही है। रास गांव की सीमा में स्थित एक हजार से अधिक बीघा जमीन पर भरा बारिश का पानी पांच दिन बाद भी नहीं उतरने से धान की फसल नष्ट हो गई है। फसल खराब होने के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाने की नौबत आ गई है।
बोरसद क्षेत्र में हुई भारी बारिश और ऊपरी इलाकों से आए पानी के कारण रास गांव के पास स्थित नाला ओवरफ्लो हो गया था। इसके चलते रास गांव की सीमा में डाली रोड क्षेत्र की एक हजार से अधिक बीघा जमीन पर बारिश और नाले का पानी भर गया। खेतों में जलभराव से धान की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई।
पांच दिनों से पानी नहीं उतरने के कारण किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है और हजारों बीघा जमीन पर बुवाई की गई धान की फसल खराब हो गई है। खेतों में अभी तक पानी जमा रहने के कारण धान के पौधे (धरू) सड़ने लगे हैं। जब तक पानी की निकासी नहीं होगी, तब तक किसान दोबारा रोपाई भी नहीं कर पाएंगे।
किसान किरणभाई पटेल ने बताया कि भारी बारिश और नाले में पानी ओवरफ्लो होने के कारण खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। यदि नाले में पानी की उचित निकासी व्यवस्था की जाए तो इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में खेतों में पानी भर जाने के कारण किसानों द्वारा महंगे दामों पर खरीदे गए धान के पौधे और खाद का खर्च भी बेकार हो गया।

तीन करोड़ से अधिक का नुकसान होने की आशंका

धान की फसल खराब होने से किसानों को लगभग तीन करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान होने की आशंका है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि खराब हुई फसल और नुकसान का तत्काल सर्वेक्षण कराया जाए तथा प्रभावित किसानों को उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि उन्हें इस आर्थिक संकट से राहत मिल सके।