
Ahmedabad. डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने के बाद अब यूपीआइ से दो हजार रुपए से अधिक का भुगतान करने पर 0.4 एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लागू करने के निर्णय से व्यापारियों में नाराजगी है। इसे लेकर अहमदाबाद, जामनगर, राजकोट सहित राज्यभर में 500 से ज्यादा व्यापारी संगठनों ने शुक्रवार को नो यूपीआइ डे मनाया। इस आह्वान का अहमदाबाद सहित राज्यभर में मिश्रित प्रतिसाद देखने को मिला। पुराने व्यापारी संगठनों ने इसे समर्थन देते हुए यूपीआइ के जरिए भुगतान लेने से दूरी बनाई वहीं नए व पॉश इलाकों में इसका खास असर नहीं दिखा।
श्री अमदावाद वेपारी महासंगठन ने इस फैसले को पूरी तरह अनुचित बताते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है। शुक्रवार को संगठन कार्यालय में प्रमुख व्यापारिक एसोसिएशनों की बैठक हुई, जिसमें इस कदम का बड़े पैमाने पर विरोध दर्ज कराया गया।
महासंगठन के अध्यक्ष मेघराज डोडवानी ने कहा कि 2000 रुपए से अधिक के यूपीआइ भुगतान पर 0.4 एमडीआर लगाना उचित नहीं है। हमारी मांग है कि इसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। संगठन ने सरकार के इस रुख पर गहरा एतराज जताया है। महासंगठन का कहना है कि जब ऑनलाइन पेमेंट का चलन आम हो चुका है, तो इस पर टैक्स लगाना बिल्कुल भी वाजिब नहीं है। ऑनलाइन व्यापार और बड़े रिटेल चेन्स के कारण छोटे और मध्यम व्यापारियों का धंधा पहले ही आधा रह गया है। ऐसे में अगर अब यूपीआइ पेमेंट्स पर भी टैक्स वसूला (एमडीआर) गया, तो बचा-खुचा व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित होगा।
गुजरात ट्रेडर्स फेडरेशन के अध्यक्ष जयेन्द्र तन्ना ने कहा कि अहमदाबाद के पुराने कालूपुर कटलरी मार्केट, माधूपुरा मार्केट व अन्य पुराने मार्केट में नो यूपीआइ डे को अच्छा प्रतिसाद मिला। नए व पॉश क्षेत्रों में ज्यादा असर नहीं दिखा। राजकोट, जामनगर, जूनागढ में व्यापारियों का अच्छा समर्थन रहा। तन्ना ने दावा किया कि राज्यभर के छोटे-बड़े 800 व्यापारी एसोसिएशनों का यूपीआइ एमडीआर के विरोध में समर्थन मिला है।