
Gujarat Chemical Factory Blast: गुजरात के भरूच जिले की सायखा जीआईडीसी स्थित एक फार्माकेम कंपनी में हाइड्रोजनीकरण प्रक्रिया के दौरान हुए भीषण धमाके में पांच श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज करीब 15 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। हादसे के बाद कंपनी परिसर में गैस रिसाव की आशंका से अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, हादसा रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच हुआ। उस समय कंपनी में हाइड्रोजनीकरण की प्रक्रिया चल रही थी।
अचानक हुए धमाके से प्लांट की मशीनों के हिस्से बिखर गए। कंपनी से करीब 200 मीटर दूर खड़े एक ट्रैक्टर का टायर भी फट गया। आसपास की कंपनियों के ढांचों में भी कंपन महसूस किया गया। हादसे के समय कंपनी में करीब 20 श्रमिक काम कर रहे थे। धमाके के बाद परिसर में गैस रिसाव की आशंका पैदा हो गई। वहां मौजूद लोगों की आंखों में जलन होने लगी, जिससे जान बचाने के लिए भगदड़ मच गई।
हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों की पहचान भाविक वसावा, अर्जुन कुमार, अनिकेत कुमार, जयदीप पटेल और वृंद तलाविया के रूप में हुई है। घायलों में प्रियांशु कुमार, पवन कुमार, प्रतीक प्रजापति, मौसम कुमार और शिव दयाल शामिल हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। उनकी हालत गंभीर बताई गई है।
हादसे की सूचना मिलते ही भरूच की एसडीएम मनीषा मानाणी, वागरा पुलिस, दमकलकर्मी और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। प्रशासन ने कंपनी को तत्काल प्रभाव से काम बंद करने का नोटिस दिया है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि धमाका किन कारणों से हुआ और कंपनी में सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
स्थानीय निवासी राज अमरसिंह नठुबावा ने हादसे में मारे गए श्रमिकों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि हादसे के समय कंपनी के अंदर कई लोग मौजूद थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद गैस इतनी ज्यादा फैली हुई थी कि मौके पर खड़ा होना मुश्किल था। उन्होंने मृतकों की संख्या और अस्पताल में भर्ती लोगों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए।
भरूच में घटनास्थल के सामने वाली इमारत में काम करने वाले मजदूर प्रतापसिंह ने बताया कि हादसा रात करीब 10.30 बजे हुआ। उन्होंने कहा कि रिएक्टर फटते ही पूरा इलाका धुएं से भर गया और कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। इलाका धमाके से कांप उठा था। रिएक्टर का एक टुकड़ा टूटकर सड़क किनारे जा गिरा। उसके पास ही कार्यालय और प्रयोगशाला है। बॉयलर की तरफ सीमेंट की छत की चादरें भी टूटकर नीचे गिर गईं। हादसे के बाद दमकल की गाड़ी और एक एंबुलेंस मौके पर पहुंची।