अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भावनगर. सीएसआईआर-केंद्रीय नमक व समुद्री रसायन अनुसंधान संस्थान (सीएसएमसीआरआई), भावनगर ने पंगासुनॉन स्टेट यूनिवर्सिटी फिलीपींस के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।साझेदारी का उद्देश्य नमक उत्पादन में उन्नत प्रौद्योगिकियों को […]
भावनगर. सीएसआईआर-केंद्रीय नमक व समुद्री रसायन अनुसंधान संस्थान (सीएसएमसीआरआई), भावनगर ने पंगासुनॉन स्टेट यूनिवर्सिटी फिलीपींस के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
साझेदारी का उद्देश्य नमक उत्पादन में उन्नत प्रौद्योगिकियों को संयुक्त रूप से विकसित करना और बढ़ावा देना है। समझौता ज्ञापन पर फिलीपींस के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इनमें विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीओएसटी) और मारियानो मार्कोस स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि भी शामिल थे।
सीएसएमसीआरआई, भावनगर के निदेशक डॉ. कन्नन श्रीनिवासन ने बताया कि यह सहयोग खासकर आधुनिक नमक उत्पादन, मेम्ब्रेन प्रौद्योगिकी और समुद्री जैवप्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में आपसी अनुसंधान और विकास पहलों पर केंद्रित होगा।
इस बढ़ती द्विपक्षीय साझेदारी के हिस्से के रूप में मंगलवार को उन्नत नमक, जल और समुद्री प्रौद्योगिकियों पर एक द्विपक्षीय भारत-फिलीपींस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी भी आयोजित की गई। यह संगोष्ठी ज्ञान का आदान-प्रदान करने और समुद्री और जल-आधारित प्रौद्योगिकियों में नई सीमाओं का पता लगाने के लिए दोनों देशों के विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और शोधकर्ताओं को एक साथ लाई।
इस दौरान डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. कमलेश, डॉ. एस सी उपाध्याय, डॉ. पारुल साहू, डॉ. टेरेसिटा ताबॉग, डॉ. एल्बर्ट गलास, इंजीनियर गेराल्डो गनीर तथा अन्य उपस्थित रहे।