अहमदाबाद

Ahmedabad News: भाई की मौत के गहरे दुख के बीच 4 बहनों ने लिया बड़ा फैसला, मर कर भी जिंदा रहेगा ‘रोहित’

Organ Donation: अहमदाबाद में सड़क हादसे में ब्रेनडेड हुए 31 वर्षीय रोहित सिंह के अंगदान से चार जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलने की उम्मीद है। मां और चार बहनों ने बेटे और भाई को खोने के दुख के बीच लिवर, दो किडनी और पेंक्रियाज दान करने की सहमति दी।
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Updated: 7 Sep 2026, 9:55 PM IST
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ब्रेनडेड मरीज रोहित सिंह। फाइल फोटो- पत्रिका

अहमदाबाद। दिल्ली निवासी 31 वर्षीय रोहित सिंह के परिवार ने बेटे और भाई को खोने के गहरे दुख के बीच ऐसा फैसला लिया, जिससे चार जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी है। अहमदाबाद में काम करने वाले रोहित के ब्रेनडेड होने के बाद उनकी मां और चार बहनों ने उनके अंगदान की सहमति दी। उनके लिवर, दो किडनी और पेंक्रियाज से चार मरीजों को लाभ मिलेगा। रोहित सिंह मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले थे और वर्तमान में अहमदाबाद में काम करते थे।

सिर में लगी थी गंभीर चोट

4 सितंबर की रात शहर के हंसपुरा चौकड़ी के पास सड़क हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट लग गई। हादसे के बाद परिजन उन्हें एंबुलेंस से उपचार के लिए सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। उन्हें आइसीयू में भर्ती किया गया। चिकित्सकों की टीम ने रोहित को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें ब्रेनडेड घोषित कर दिया। इसके बाद सिविल अस्पताल की अंगदान टीम ने परिजनों को ब्रेनडेड अवस्था और अंगदान के महत्व की जानकारी दी। बेटे और भाई को खोने के दुख के बीच मां और चार बहनों ने मानवता को सबसे ऊपर रखते हुए अंगदान की सहमति दी।

परिवार के इस फैसले से चार जरूरतमंद मरीजों के लिए प्रत्यारोपण की राह खुली। सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि रोहित के दान में मिले एक लिवर, दो किडनी और एक पेंक्रियाज का प्रत्यारोपण सिविल मेडिसिटी परिसर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजिज एंड रिसर्च सेंटर (आइकेडीआरसी) अस्पताल में उपचाराधीन जरूरतमंद मरीजों में किया जाएगा। अंगों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाया जाएगा।

अब तक 254 ब्रेनडेड मरीजों के अंगों का दान

सिविल अस्पताल में अब तक 254 ब्रेनडेड मरीजों के अंगों का दान किया जा चुका है। अस्पताल में कुल 1,091 अंगों और ऊतकों का दान हो चुका है। रोहित के परिवार का यह फैसला भी अंगदान की इसी मुहिम को आगे बढ़ाने वाला है। उनके दान से चार मरीजों को जीवन बचाने वाला उपचार मिलने की उम्मीद है और परिवार के दुख के बीच कई लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगी है।

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7 Sep 2026, 9:55 PM IST
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