
आणंद. जिले के दो दिवसीय दौरे पर आए राज्यपाल आचार्य देवव्रत मंगलवार को बोरियावी गांव में प्राकृतिक खेती के फार्म का दौरा करने पहुंचे। इस दौरान राज्यपाल एक अनोखे अंदाज में नजर आए। राज्यपाल ने खेत में खुद हल चलाया।
बोरियावी में प्रगतिशील किसान नरेश सोलंकी के फार्म का राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने दौरा किया। राज्यपाल ने फार्म में की जा रही प्राकृतिक खेती का निरीक्षण किया। उन्होंने खेत में खुद हल चलाया। इतना ही नहीं, उन्होंने गाय का दूध दोहने भी किया।
इससे पहले, आणंद तहसील के रावलापुरा गांव में प्राकृतिक कृषि संगोष्ठी एवं प्रदर्शनी में प्राकृतिक खेती का दायरा बढ़ाने के लिए राज्यपाल ने किसानों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को गंभीर बीमारियों से बचाना है तो प्राकृतिक खेती की ओर रुख करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। प्राकृतिक खेती को अपनाकर धरती मां को बंजर होने से बचाने के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करने चाहिए।
देसी गाय के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि गाय आधारित प्राकृतिक खेती ही धरती के जल स्तर में सुधार करने, पशु-पक्षियों को बचाने और आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ जीवन देने का एकमात्र मार्ग है। राज्यपाल ने प्राकृतिक कृषि उत्पादों की बिक्री के लिए लगाए गए विभिन्न स्टालों का दौरा किया, उत्पादों का अवलोकन किया। जिला कलक्टर प्रवीण चौधरी ने जिले में प्राकृतिक कृषि के क्षेत्र में हुई प्रगति का ब्योरा दिया।
राज्यपाल ने आणंद तहसील के सामरखा गांव के चरावर्ग प्राथमिक स्कूल के सामान्य कमरे में रात्रि विश्राम करने के बाद मंगलवार सुबह स्कूल के विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा युवाओं के साथ योगाभ्यास किया। रात्रि विश्राम से पहले राज्यपाल ने सामरखा गांव के अनुसूचित जाति परिवार के अंबालाल राठौड़ के घर उनके परिवार के साथ सादगीपूर्ण रात्रि भोजन किया। राज्यपाल ने राठौड़ परिवार के सदस्यों के साथ एक बुजुर्ग की भांति आत्मीयता से बातचीत भी की।