अहमदाबाद

जामनगर : गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह, 1800 छात्रों को प्रदान की डिग्री

राज्यपाल, स्वास्थ्य मंत्री रहे मौजूद जामनगर. गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय का 29वां दीक्षांत समारोह सोमवार को आयोजित किया गया। इस अवसर पर डिप्लोमा, पी.जी. डिप्लोमा, बैचलर डिग्री, मास्टर डिग्री, एम.डी., एम.एस. और पी.एच.डी. सहित कुल 1841 विद्यार्थियों तथा दो विशिष्ट व्यक्तित्वों को डॉक्टरेट ऑफ लिटरेचर (आयुर्वेद) की मानद उपाधि प्रदान की गई। साथ ही, उच्च अंक […]

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राज्यपाल, स्वास्थ्य मंत्री रहे मौजूद

जामनगर. गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय का 29वां दीक्षांत समारोह सोमवार को आयोजित किया गया। इस अवसर पर डिप्लोमा, पी.जी. डिप्लोमा, बैचलर डिग्री, मास्टर डिग्री, एम.डी., एम.एस. और पी.एच.डी. सहित कुल 1841 विद्यार्थियों तथा दो विशिष्ट व्यक्तित्वों को डॉक्टरेट ऑफ लिटरेचर (आयुर्वेद) की मानद उपाधि प्रदान की गई। साथ ही, उच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण और रजत पदक भी प्रदान किए गए।

स्वस्थ शरीर से बढ़कर कोई सुख नहीं

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने समारोह में कहा कि स्वस्थ शरीर से बढ़कर कोई सुख नहीं है। उत्तम स्वास्थ्य के माध्यम से ही समाज सेवा, देश सेवा और मानव सेवा संभव हो सकती है। धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति के लिए भी शरीर का स्वस्थ रहना आवश्यक है।

रोगों का जड़ से नाश करती है आयुर्वेद की विद्या

राज्यपाल ने सभी से आयुर्वेद पर विश्वास और श्रद्धा रखते हुए वैदिक ऋषियों की ओर से दी गई इस अमूल्य चिकित्सा पद्धति को अपनाने और दैनिक जीवन में उतारने की अपील की। राज्यपाल ने कहा कि एलोपैथी और रसायनयुक्त दवाएं रोगों में अस्थायी राहत देती हैं, जबकि आयुर्वेद की अनुपम विद्या पूरे शरीर का कायाकल्प कर रोगों का जड़ से नाश करती है। डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सीख देते हुए उन्होंने कहा कि आज लिए गए संकल्प को अपने कॅरियर में सच्चे अर्थ में चरितार्थ करें। आयुर्वेद पर अटूट विश्वास रखकर इसे पूरे विश्व में फैलाएं।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि लोगों में आयुर्वेद के प्रति विश्वास जगाने का कार्य आज डिग्री प्राप्त करने वाले वैद्य बने सभी विद्यार्थियों का है।

इस अवसर पर गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय द्वारा भक्तकवि नरसिंह मेहता विश्वविद्यालय, जूनागढ़ और श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट, चित्रकूट, मध्यप्रदेश के साथ आयुर्वेद को जोड़ एक नई दिशा में शिक्षा की नई परिभाषा और अनुसंधान विकसित करने के लिए एमओयू किए गए। इन एम.ओ.यू. के माध्यम से आयुर्वेद और अन्य विद्याओं के समन्वय से समाज उत्थान और मानव विकास के नए द्वार खुल सकेंगे।

Published on:
21 Apr 2025 09:35 pm
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