
अहमदाबाद. राजस्थान के जोधपुर में एक महिला को ऑपरेशन कराने की सलाह देने के बाद मरीज को अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में लाया गया जहां उसे 15 दिन की दवाइयों से ही आराम हो गया। ऑपरेशन टालने में महिला की दो बेटियों का अहम योगदान रहा है जो अपने दम पर मां को उपचार के लिए लेकर आईं थीं।
जोधपुर शहर निवासी 54 वर्षीय एक महिला को पिछले चार वर्ष से यूट्रस संबंधित बीमारी थी। इस समस्या के चलते महिला को जोधपुर के सरकारी से लेकर निजी और आधुनिक अस्पतालों में दिखाया गया, लेकिन निराकरण नहीं हुआ। तकलीफ बढ़ी तो जोधपुर के एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे जटिल ऑपरेशन की सलाह दे दी। ऑपरेशन के नाम से डरे महिला और उसके परिजनों ने आखिल मरीज को अहमदाबाद के सिविल अस्पताल ले जाने का निर्णय किया। सिविल अस्पताल में गाइनेक विभाग में चिकित्सकों को दिखाया गया। जहां जरूरी रिपोर्ट और महिला की स्थिति के आधार पर चिकित्सकों ने 15 दिन की दवाई लिखते हुए कहा था कि इसमें ऑपरेशन की जरूरत नहीं है। इसके अलावा महिला के गले में भी कुछ समस्या थी जिससे ईएनटी विभाग के चिकित्सकों ने महिला को 15 दिन की दवाई लेने की सलाह दी। उसके बाद हाल में ही अहमदाबाद फॉलोअप में आई महिला स्वस्थ दिखाई दी।
महिला का कहना है कि सिविल अस्पताल के चिकित्सकों के अलावा उसकी दो बेटियों का स्वस्थ्य होने में अहम योगदान रहा है। दोनों ही बेटियां मां को लेकर अहमदाबाद आईं थीं और उन्होंने अपने दम पर घूम-फिर कर मां को यह श्रेष्ठ उपचार दिलाया था। महिला का कहना है कि वह बिना ऑपरेशन के स्वस्थ हो गई यह उसके लिए सबसे बड़ी खुशी है।