
शामलाजी. अरवल्ली जिले के मोडासा निवासी और सूरत के नई सिविल अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में कार्यरत डॉ. हर्ष पंड्या की आत्महत्या के बाद सोमवार को उनका शव मोडासा लाया गया। इकलौते पुत्र की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मोडासा में सोमवार को रेजिडेंट डॉक्टर दिवंगत हर्ष का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान माहौल गमगीन हो गया। हमेशा हंसमुख स्वभाव के होनहार डॉक्टर की मौत से मोडासा शहर में भी शोक की लहर दौड़ गई। रैगिंग के कारण जान गंवाने के आरोपों को लेकर लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, माइक्रोबायोलॉजी में मास्टर डिग्री के प्रथम वर्ष में अध्ययनरत डॉ. हर्ष ने सूरत के नई सिविल अस्पताल परिसर स्थित बॉयज पीजी हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस और कॉलेज प्रशासन की जांच के दौरान सामने आया कि डॉ. हर्ष को उनके सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा कथित तौर पर मानसिक प्रताड़ना और रैगिंग का सामना करना पड़ रहा था। जांच रिपोर्ट के आधार पर चार रेजिडेंट डॉक्टरों को अनुशासनहीनता और गंभीर लापरवाही के आरोपों के चलते 6 महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। इनमें डॉ. निराली वसावे, डॉ. अनुज माहेश्वरी, डॉ. दीक्षिता घेवरिया, डॉ. हिना भूत शामिल हैं। इन्हें तत्काल हॉस्टल खाली करने और किसी भी शैक्षणिक गतिविधि में हिस्सा नहीं लेने का आदेश दिया गया है।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. सुमैया मुल्ला सहित फैकल्टी सदस्यों डॉ. संगीता राजदे, डॉ. योगिता मिस्त्री और डॉ. लतिका पुरोहित को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। एंटी-रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट को कॉलेज काउंसिल ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए समीक्षा कर राज्य सरकार को आधिकारिक रिपोर्ट भी सौंप दी गई है।
डॉ. हर्ष पंड्या के पिता डॉ. सुभाष पंड्या की शिकायत के आधार पर रैगिंग को लेकर जांच शुरू की गई थी। सिविल अस्पताल के डीन डॉ. जयेश ब्रह्मभट्ट और चिकित्सा अधीक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति के समक्ष प्रथम वर्ष के 9 रेजिडेंट डॉक्टरों और उनके परिजनों के बयान दर्ज किए गए। रविवार रात 8:30 बजे से सोमवार सुबह 4 बजे तक चली मैराथन बैठक में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के सीनियर रेजिडेंट, फैकल्टी, तकनीशियन और सफाईकर्मियों के बयान भी दर्ज किए गए। एंटी-रैगिंग स्क्वॉड ने अपनी रिपोर्ट एंटी-रैगिंग कमेटी को सौंपी।
डॉ. हर्ष मूल रूप से साबरकांठा जिले की तलोद तहसील पुंसरी गांव के रहने वाले थे। वे धनसुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. सुभाष पंड्या के पुत्र थे। डॉ. सुभाष वर्तमान में मोडासा के कृष्ण प्रियाचार्य सोसाइटी में रह रहे हैं।