प्रोविजनल फीस घोषित न होने तक नहीं भरें ज्यादा फीस,निजी स्कूल डाल रहे हैं फीस भरने का दबाव, एक स्कूल पर हल्लाबोल
अहमदाबाद. गुजरात सरकार की ओर से सुप्रीमकोर्ट के निर्देश पर अभिभावकों की सुनवाई करने के बाद बुधवार को घोषित किए फीस के नए सालाना कट ऑफ में उच्चतर माध्यमिक विज्ञान संकाय की स्कूलों में ३००० रुपए की वृद्धि किए जाने का वॉइस ऑफ चिल्ड्रन पेरेन्ट्स एसोसिएशन की ओर से विरोध किया गया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश शाह ने इस बाबत विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि सुप्रीमकोर्ट में जब तक निजी स्कूलों की वार्षिक प्रोविजनल फीस घोषित नहीं की जाती है, तब तक अभिभावक निजी स्कूलों में सरकार की ओर से घोषित किए गए सालाना कट ऑफ से ज्यादा फीस ना भरें। यानि प्राइमरी में १५ हजार, माध्यमिक में २५ हजार और उच्चतर माध्यमिक विज्ञान संकाय में अब ३० हजार रुपए से ज्यादा फीस नहीं भरें।
शाह ने सरकार की ओर से उच्चतर माध्यमिक विज्ञान संकाय की स्कूलों की कक्षा 11 और 12वीं की सालाना कट ऑफ की फीस २७ हजार से बढ़ाकर ३० हजार करने पर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि इससे करीब तीन लाख से चार लाख विद्यार्थियों पर असर पड़ेगा। यह उचित नहीं है। वहीं दूसरी ओर निजी स्कूलों की ओर से अभिभावकों को फोन करके, ईमेल करके फीस भरने के लिए परेशान किया जाने लगा है। इसको लेकर बुधवार कोथलतेज स्थित एक स्कूल पर अभिभावकों ने हल्लाबोल भी किया।
फीस के मुद्दे पर लडऩे वाले अभिभावक नेता पर हमला
अहमदाबाद. निजी स्कूलों की ओर से वसूली जा रही मनमानी फीस के विरोध में स्कूल के अभिभावकों का साथ देने वाले अभिभावक नेता कमल रावल पर हमला किए जाने की घटना प्रकाश में आई है।
बुधवार को गांधीनगर-अहमदाबाद रोड पर यह हमला हुआ। बाइक पर आए दो युवक भावसार की कार पर पत्थर फेंककर चला गया। इसके साथ उसने एक पर्ची भी फेंकी, जिसमें लिखा था कि 'आप डीपीएस का विरोध करना छोड़ दो आप के लिए अच्छा होगा।'