अजमेर

31 लोगों की डूबने व मलबे में दबने से मौत . 400 मकान ढहे

बाढ़ व बारिश से हुए नुकसान के आकलन में जुटी सरकार सभी जिला कलक्टर से मांगा ब्यौरा
less than 1 minute read
• •
Updated: 18 Sep 2019, 4:03 AM IST
31 people died due to drowning and being buried under debris. 400 house
बरसात से नुकसान,बरसात से नुकसान,बरसात से नुकसान,बरसात से नुकसान

अजमेर. रा’य सरकार (state govrnment) ने बरसात के कारण जिलों में जिलों में हुए जानमाल के नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। नुकसान के आकलन के बाद रा’य सरकार इसे केन्द्र सरकार को भेजगी। केन्द्र सरकार से नुकसान की भरपाई की जाएगी। जिलों में अत्यधिक वर्षा से हुए नुकसान के आकलन के लिए आपदा प्रबन्धन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के शासन सचिव ने सभी जिला कलक्टरों को पत्र जारी कर जनहानि, पशुहानि, आवासीय भवनों, सार्वजनिक परिसम्पत्तियों आदि को हुए नुकसान की सूचना तुरंत भेजने के निर्देश दिए हैं।

31 मरे(31 people died), 400 मकान ढहे

जिले में इस साल बरसात ने जमकर कहर बरपाया है। बरसात/बाढ़ के कारण जिले में 31 लोगों की डूबने व मलबे में दबने से मौत हो गई। करीब 400 क"ो-पक्के मकान ढह गए( 400 houses collapsed)। जलदाय विभाग की 4 पाइप लाइनें टूट गईं। सिंचाई विभाग के 3 तालाबों को नुकसान पहुंचा। पीडब्ल्यूडी की 22 सडक़ें टूटे जिससे 4 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। अजमेर डिस्कॉम को जिले में 3 करोड़ का नुकसान हुआ। पीएचईडी की सावर, बनेडिय़ा एवं अजमेर में हुई सम्पत्तियों पर लगभग &2.21 लाख रुपए,जल संसाधन विभाग को 22 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। जिला परिषद को 118 लाख का नुकसान हुआ है। एडीए व नगर निगम को भी लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। जिले में बरसात से 30-50 प्रतिशत फसलों को नुकसान पहुंचा है। नुकसान का आकलन गिरदावरी के बाद ही हो सकेगा।

केन्द्रीय टीम कर चुकी है दौरा

जिले में बरसात से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए सात सदस्यीय राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि की केन्द्रीय टीम पिछले दिनों ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर चुकी है। टीम ने अजमेर के अलावा नागौर, कोटा,बांरा, बूंदी तथा झालावाड़ जिलों का भी जायजा लिया।

Published on: