अजमेर

25 से 45 वर्ष की आयु तक हार्ट अटैक से मौत का खतरा 70 प्रतिशत

देश के निश्चेतना विभाग के विशेषज्ञों से बातचीत

2 min read
Sep 22, 2019
25 से 45 वर्ष की आयु तक हार्ट अटैक से मौत का खतरा 70 प्रतिशत,25 से 45 वर्ष की आयु तक हार्ट अटैक से मौत का खतरा 70 प्रतिशत,25 से 45 वर्ष की आयु तक हार्ट अटैक से मौत का खतरा 70 प्रतिशत

अजमेर (Ajmer). एनेस्थिसियालॉजिस्ट, एसएमएस की पूर्व विभागाध्यक्ष एवं सहायता की चेयरपर्सन डॉ. माया टंडन ने कहा कि 25 से 45 साल की आयु (युवाओं) में हार्टअटैक (heart attack)आने पर मौत का खतरा 70 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि बेसिक लाइफ सपोर्ट कोर्स आमजन के लिए आवश्यक है। पिछले 30 वर्षों में एनेस्थिसिया के क्षेत्र में काफी ग्रोथ हुई है। कार्डिक, न्यूरो में ज्यादा इम्प्लीमेंट हुआ। अब व्यक्ति की दुर्घटना में जान बचाना ही जिंदगी का मकसद है।

कीटामिन दवा का भी कारगर उपयोग

ये भी पढ़ें

शल्य क्रिया में दर्द निवारण की अत्याधुनिक तकनीक

कॉन्फ्रेंस में पहुंचे डॉ. सुरेश भार्गव के अनुसार कीटामिन ड्रग्स भी व्यक्ति को डिप्रेशन के उपचार के लिए कारगर साबित हो रही है। कई डिफरेंट यूजेज भी हैं। डिप्रेशन में नेडल स्प्रे किया जाता है। एनवायरमेंट के चलते विटामिन ड्रग्स की तरह यूज किया जाने लगा है। उन्होंने कहा कि वे अपने व्याख्यान में कीटामन ड्रग्स का एनेस्थिसिया में उपयोग के बारे में बताएंगे।

सर्जरी के बाद दर्द फ्री जरूरी

लखनऊ से आए विशेषज्ञ डॉ. अनिल अग्रवाल ने बताया कि सर्जरी के पहले एवं बाद में दर्द नहीं हो इसको लेकर अत्याधुनिक तकनीक (Teknologi)इस्तेमाल की जाने लगी है। इसके लिए मरीज के मशीन लगाई जाती है जिससे ऑपरेशन के दौरान व बाद में दर्द होने पर उसमें दवा डालकर दर्द को रोका जा सकता है। सर्जरी के बाद दर्द फ्री होने से मरीज खांस सकता है, ताकि फेंफड़ों में संक्रमण नहीं हो, जल्दी चल सकता है, जल्दी डिस्चार्ज होने से मरीज को खर्चा भी कम आएगा।

अन्य अंगों को प्रभाव से बचाना जरूरी

प्रो. डॉ. शशि श्रीवास्तव के अनुसार न्यूरो सर्जरी, स्पाइन सर्जरी में अब एडवांस तकनीक के साथ एनेस्थिसिया मॉनिटरिंग पर जोर दिया जा रहा है। करीब 6 से 8 घंटे तक चलने वाली सर्जरी (ट्यूमर) आदि में पैरेलाइज आदि का खतरा बढ़ जाता है, इस दौरान मॉनिटरिंग की जाती है कि मरीज के नोर्मल एरिया डेमेज तो नहीं हो रहा है। न्यूरो एनेस्थिसिया ट्रोमा सर्जरी में खासकर मॉनिटर किया जाता है।

ये भी पढ़ें

एटीएम लूट : पहले रैकी की, फिर उखाड़ ले गए एटीए

Published on:
22 Sept 2019 06:30 am
Also Read
View All