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शल्य क्रिया में दर्द निवारण की अत्याधुनिक तकनीक

एनेस्थिसियोलॉजिस्ट(Enesthesiologist) की राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस में जुटे 500 चिकित्सक

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शल्य क्रिया में दर्द निवारण की अत्याधुनिक तकनीक

शल्य क्रिया में दर्द निवारण की अत्याधुनिक तकनीक

अजमेर. चिकित्सा के क्षेत्र में शल्य क्रिया (ऑपरेशन) के समय दर्द निवारण की विभिन्न पद्धतियां चल रही हैं। ट्रांसप्लांट में तो अब विशेष मशीन से दर्द निवारण की अत्याधुनिक तकनीक इस्तेमाल की जा रही है।

अजमेर (Ajmer) सोसायटी ऑफ एनेस्थिसियोलॉजिस्ट (Enesthesiologist)की ओर से भंवरसिंह पैलेस पुष्कर में दो दिवसीय राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस (Confrence)में देश के जाने माने एनेस्थेटिक चिकित्सकों ने व्याख्यान दिए। राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस में प्रदेश से 500 एनेस्थेटिक्स ने हिस्सा लिया। पीजीआई चंडीगढ़ से डॉ. नीरजा भारद्वाज ने बच्चों में दूरबीन शल्य क्रिया व एनेस्थिसिया पर व्याख्यान दिया। डॉ. भरत पालीवाल ने गहन चिकित्सा इकाई में कृत्रिम सांस (वेंटीलेटर ) की आधुनिक तकनीक के बारे में बताया। टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुम्बई के डॉ. पी. एन. जैन ने कैंसर पीडि़त मरीजों में दर्द निवारण की नवीनतम तकनीक के बारे में बताया। एम्स दिल्ली के डॉ. तुहिन मिस्त्री ने दर्द निवारण की विभिन्न पद्धतियों, डॉ. मनीष टंडन ने लिवर प्रत्यारोपण में एनेस्थेटिक मैनेजमेंट की जानकारी दी। पीजी छात्र छात्राओं ने शोध पत्र पढ़े। मुख्य अतिथि एसएमएस मेडिकल कॉलेज की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. माया टंडन ने शाम को कॉन्फ्रेंस का विधिवत उद्घाटन किया। ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. नीना जैन ने कॉन्फ्रेंस की जानकारी दी। मुख्य अतिथि डॉ. टंडन ने डॉ. सुरेश भार्गव को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा। विशिष्ट अतिथि एवं आरयूएचएस के वाइस चांसलर डॉ. राजा बाबू पंवार का डॉ. जैन ने सम्मान किया।