अजमेर

Admission news: स्टूडेंट्स ने भरे एडमिशन फार्म

छात्रों के प्रदर्शन के बाद आवेदन की तिथि 31 july तक बढ़ाई गई थी। इसके तहत विद्यार्थियों ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए फार्म भरे।

2 min read
Aug 02, 2019
mds university admission

अजमेर. महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (mds university ) के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश जारी है। विद्यार्थी फार्म भर चुके हैं। अब उन्हें लिस्ट का इंतजार है।

विश्वविद्यालय के कला (arts), वाणिज्य (commerce), विज्ञान (science), प्रबंधन (management), विधि (law), सामाजिक विज्ञान (social science) संकाय के पाठ्यक्रमों में दाखिले जारी हैं। तयशुदा कार्यक्रम के मुताबिक 24 जुलाई को ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि थी। छात्रों के प्रदर्शन के बाद आवेदन की तिथि बढ़ाई गई थी। इसके तहत विद्यार्थियों ने विभिन्न पाठ्यक्रमों (courss)में प्रवेश के लिए फार्म (online form) भरे।

ये भी पढ़ें

Student election: नोटा पर खामोशी चुप्पी, स्टूडेंट्स अपने हक से दूर

आगे के कार्यक्रम (date schedule)
प्रत्येक विभाग में सूची : 5 अगस्त

दस्तावेजों की जांच, फीस और साक्षात्कार : 9 अगस्त
प्रवेशित विद्यार्थियों की सूची : 9 अगस्त

अंतर विभाग स्थानातंरण सूची : 13 अगस्त

डीन कमेटी नहीं कर सकेगी कामकाज

विश्वविद्यालय की परेशानियां बढ़ गई है। यहां शैक्षिक और प्रशासनिक कामकाज देख रही डीन कमेटी (dean committee) कामकाज नहीं कर सकेगी। कमेटी से एक डीन और बॉम सदस्य का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। कुलपति (vice chancellor) के कामकाज पर पहले ही रोक कायम है। ऐसे में अहम पत्रावलियों पर फैसला नहीं हो सकेगा। राजस्थान हाईकोर्ट (rajasthan high court) ने लक्ष्मीनारायण बैरवा की याचिका पर कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह के कामकाज पर बीते साल 11 अक्टूबर से रोक लगाई है। यह रोक 2 अगस्त तक कायम है। यहां चुनिंदा शैक्षिक, प्रशासनिक और परीक्षात्मक कार्यों के लिए राजभवन ने जनवरी में डीन कमेटी बनाई थी। कमेटी में विज्ञान संकाय के डीन प्रो.प्रवीण माथुर, सामाजिक विज्ञान के डीन प्रो. शिवदयाल सिंह सहित कुलसचिव और वित्त नियंत्रक भागीरथ सोनी शामिल हैं।

कैसे चलेगा कामकाज
डीन कमेटी सदस्य (deam committee member) और पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. माथुर का बतौर डीन कार्यकाल और अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. शिवदयाल सिंह का प्रबंध मंडल का दो वर्षीय कार्यकाल खत्म हो गया है। यहां स्थाई कुलसचिव पद पहले ही रिक्त है। ऐसे में वित्त नियंत्रक ही कमेटी में एकमात्र सदस्य रह गए हैं।

ये भी पढ़ें

wild life: टाइगर के नाम पर मशहूर हैं अजमेर के कई गांव
Published on:
02 Aug 2019 07:44 am
Also Read
View All