अजमेर

Affiliation Camp: कुलपति के साथ ड्रीम प्लान भी भूल गई यह यूनिवर्सिटी

Affiliation Camp: पिछले और मौजूदा सत्र में कॉलेज की सम्बद्धता प्रकरणों में देरी हो रही है। मालूम हो कि कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह के कामकाज पर हाईकोर्ट की रोक के चलते विश्वविद्यालय का कामकाज गड़बड़ा चुका है।
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Updated: 21 Jul 2019, 8:14 AM IST
college affiliation camp
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महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय में बीएड./ बीए और बीएससी बीएड, बीपीएड पाठ्यक्रम संचालित करने वाले कॉलेज के लिए दोबारा शिविर (affiliation camp) नहीं लग पाए। बीते एक साल से विश्वविद्यालय (mdsu )कागजों में ही दबाए बैठा है। सम्बद्धता में देरी भी हो रही है।

पूर्व कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली (vijay shrimali) की पहल पर बीते साल 3 और 4 जुलाई को सम्बद्धता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें सत्र 2018-2019 में बीएड, बीए-बीएससी बीए,बीपीएड पाठ्यक्रम चलाने वाले कॉलेज (colleges)को अस्थाई सम्बद्धता वृद्धि के लिए दस्तावेज (documents) जांचे गए। कॉलेज संचालकों में शिविर को लेकर हडक़म्प मच गया था। कई कॉलेज ने कुलपति पर सियासी दबाव बनाने की कोशिश भी की, पर प्रयास विफल रहे।

नहीं लग पाए दोबारा शिविर

प्रो. श्रीमाली ने 8 और 9 अगस्त 2018 को दोबारा शिविर लगाने का कार्यक्रम तय किया था। इसमें कॉलेज की अस्थाई सम्बद्धता वृद्धि के लिए दस्तावेजों की जांच करना प्रस्तावित था। दुर्भाग्य से प्रो. श्रीमाली का 20 जुलाई को निधन हो गया। तबसे विश्वविद्यालय शिविर नहीं लगा पाया है। यह प्रस्ताव (camp propsal) कागजों में दबा हुआ है। पिछले और मौजूदा सत्र (2019-20) में कॉलेज की सम्बद्धता प्रकरणों में देरी हो रही है। मालूम हो कि कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह (prof rp singh) के कामकाज पर हाईकोर्ट की रोक के चलते विश्वविद्यालय का कामकाज गड़बड़ा चुका है।

यह जांचते हैं दस्तावेज
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के नियम 2017 के अनुसार बीएड कॉलेज (B.ed colleges) में नियुक्त प्राचार्य एवं शिक्षकों के मूल शैक्षणिक दस्तावेज, आधार और पैन कार्ड, लाइब्रेरी में खरीदी गई किताबों के बिल और अन्य दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां और फाइल। संबंधित कॉलेज प्राचार्य (principal) एवं शिक्षकों (teachers) के अन्य संस्थाओं में नियुक्ति अैार कार्यरत नहीं होने से जुड़ा नॉन ज्यूडिशियल स्टाम्प। नोटरी द्वारा सत्यापित मूल शपथ पत्र और अन्य दस्तावेज।

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