अजमेर में बोराज तालाब की पाल टूटने से स्वास्तिक नगर में दर्जनों घरों में पानी घुस गया। रातभर लोग छतों पर शरण लेते रहे। 56 मकानों को नुकसान, महिलाओं ने एडीएम के सामने फूट-फूटकर सुनाया दर्द। प्रशासन ने राहत और फूड पैकेट बांटे।
अजमेर: भारी बारिश ने अजमेर शहर को दहला दिया। बोराज तालाब की पाल टूटने से स्वास्तिक नगर और आसपास के इलाकों में पानी घुस गया। रात करीब 11.30 बजे लोग खाना खाकर आराम की तैयारी कर रहे थे कि अचानक पानी की तेज आवाज सुनाई दी। कुछ युवाओं को मोबाइल पर तालाब की पाल टूटने का मैसेज मिला। आनन-फानन में लोगों ने बच्चों और बुजुर्गों को उठाया, पड़ोसियों के दरवाजे खटखटाए और ऊपर कमरों व छतों पर शरण ली।
रातभर लोग जागकर हालात संभालते रहे। कई घरों में रसोई के आटे से लेकर फर्नीचर तक पानी में डूब गया। सोफे और खिलौने तक तैरते नजर आए। महिलाएं और बुजुर्ग कुर्सियों पर बैठकर रात गुजारने को मजबूर रहे। स्थानीय निवासी सुमन गुरनानी ने कहा कि उन्होंने 8 लाख रुपये का कर्ज लेकर घर बनाया था, लेकिन तालाब की पाल टूटने से सब बर्बाद हो गया।
एडीएम सिटी गजेंद्र सिंह राठौड़ और एडिशनल एसपी हिमांशु जांगिड़ जब मौके पर पहुंचे तो महिलाओं की रुलाई फूट पड़ी। लोगों ने प्रशासन से घरों और सामान का मुआवजा देने की मांग की। राजस्थान पत्रिका की टीम ने मध्यरात्रि और सुबह स्थल का जायजा लिया तो स्वास्तिक नगर और वरसागर रोड इलाके में हालात बेहद विकट पाए।
कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासनिक टीमों ने सर्वे कर 56 मकानों में नुकसान की पुष्टि की। कई मकानों की दीवारें और फर्नीचर पूरी तरह पानी में डूब गए। जिला प्रशासन ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर प्रभावित परिवारों को फूड पैकेट और आश्रय की व्यवस्था उपलब्ध कराई। 200 से अधिक कार्मिकों को राउंड द क्लॉक ड्यूटी पर लगाया गया है।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवरानी ने भी प्रभावितों से मुलाकात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इस बीच मौसम विभाग ने अजमेर सहित 23 जिलों में अगले चार दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कम दबाव का क्षेत्र और गहरा होकर वेल मार्क्ड लो में तब्दील हो गया है, जिसके चलते उदयपुर, कोटा और जोधपुर संभाग के जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है।