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अजमेर नगर निगम चुनाव: आरक्षण लॉटरी से कई निवर्तमान पार्षदों के मंसूबों पर फिरा पानी, उपमहापौर समेत बड़े नेताओं की सीटें बदलीं

अजमेर नगर निगम चुनाव में वार्डों की आरक्षण लॉटरी निकलते ही कई दिग्गज पार्षदों के सियासी समीकरण बिगड़ गए हैं। उपमहापौर नीरज जैन, बीजेपी शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी, महिला मोर्चा अध्यक्ष भारती श्रीवास्तव और पूर्व महापौर अशोक मुदगल सहित बीजेपी-कांग्रेस के कई कद्दावर नेताओं के वार्ड आरक्षित या महिला सीट होने से उनके चुनावी मंसूबों पर पानी फिर गया है।
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Aug 18, 2026
ajmer civic polls reservation lottery
Ajmer Civic Polls Reservation Lottery 2026 (Photo-AI)

Ajmer Civic Polls 2026: अजमेर नगर निकाय चुनाव में वार्डों की लॉटरी में कइयों की जमीन खिसक गई। पहले तो महापौर की लॉटरी में अनारक्षित (सामान्य) महिला की सीट ने कई निवर्तमान पुरुष पार्षदों एवं दावेदारों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। अब रही सही कसर वार्डों की लॉटरी ने पूरी कर दी। हालांकि 'ऊपजाऊ' जमीन किसे फलीभूत करती है यह तो समय बताएगा, लेकिन फिलहाल कई निवर्तमान पार्षदों की चिंता बढ़ा दी है।

अजमेर नगर निगम चुनाव में बीजेपी एवं कांग्रेस के कई दिग्गज पार्षदों के वार्डों की तासीर ही बदल गई, जिस आरक्षित वर्ग या अनारक्षित वर्ग के वार्ड पर वे दबदबा जमाने का मंसूबा पाले बैठे थे। उस पर प्रारंभिक तौर पर तो पानी फिर गया है। कुछ के प्लान 'ए' और प्लान 'बी' दोनों पर ही कुठाराघात हो गया। अब नई गणित जमाने बैठाने में जुट गए हैं। लेकिन सभी समीकरण फिट नहीं बैठ रहे हैं।

जिस रणनीति से चुनाव में प्रभाव जमाने एवं अंजाम देने की चर्चा जुबां पर थी, वह अब परिवर्तन के मोड़ पर पहुंच गई है। हालांकि, कुछ पार्षद ऐसे भी हैं जो वार्ड तक सीमित नहीं रहे। लेकिन चुनाव पूर्व अपनी जाजम जमाने के साथ उस पर बैठने वालों की संख्या बढ़ाने की जरूरत होगी।

इन पार्षदों के वार्ड बदले, अब नई तलाश होगी शुरू

  • बीते निगम चुनाव में वार्ड 4 से बीजेपी के पार्षद ज्ञानचंद सारस्वत का वार्ड इस बार ओबीसी आरक्षित हो गया। अब उन्हें नया वार्ड तलाशना होगा। सारस्वत का इससे पूर्व का वार्ड नंबर तीन रहा, लेकिन यह भी इस बार महिला सामान्य हो गया है। ऐसे में नई जमीन तलाशनी होगी।
  • वार्ड 16 में पिछली बार बीजेपी महिला मोर्चा अध्यक्ष भारती श्रीवास्तव पार्षद चुनी गई थीं, लेकिन इस बार यह वार्ड ओबीसी वार्ड घोषित हो गया। उन्हें अब नए वार्ड की ओर रुख करना पड़ेगा। उन्हें भी नई जमीन तैयार करनी पड़ेगी।
  • वार्ड 26 में कांग्रेस नेत्री और पार्षद लक्ष्मी हिंगोरानी का वार्ड इस बार अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित हो गया है। अब उन्हें यह वार्ड छोड़ना होगा, नए की तलाश करनी होगी।
  • वार्ड 46 में बीजेपी पार्षद हेमंत सांखला को भी नए वार्ड की तलाश रहेगी। यह वार्ड इस बार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया है।
  • वार्ड 66 में पार्षद एवं उप महापौर नीरज जैन का वार्ड इस बार ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हो गया है। नीरज को भी अब नए वार्ड की तलाश रहेगी।
  • वार्ड 57 से निर्दलीय प्रत्याशी रणजीत सिंह का वार्ड भी अनारक्षित महिला वर्ग के लिए हो गया है। अब वे इस बार इस वार्ड से चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। संभवतः नई जगह तलाशनी होगी।
  • वार्ड 59 से निर्दलीय प्रत्याशी श्रवण कुमार का वार्ड सामान्य महिला होने से उन्हें भी नए वार्ड की तलाश रहेगी।
  • वार्ड 60 में बीजेपी पार्षद डिंपल शर्मा का वार्ड भी ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित हो गया है। ऐसे में शर्मा को नए वार्ड का रुख करना पड़ेगा।
  • वार्ड 62 में निर्दलीय पार्षद नरेंद्र तुनवाल का वार्ड अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित होने से इन्हें भी वार्ड नया ढूंढना पड़ेगा।
  • वार्ड 63 के बीजेपी पार्षद राजेंद्र राठौड़ का वार्ड ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हो गया है। अनारक्षित सीट के लिए उन्हें किसी नए ठिकाने का रुख करना पड़ेगा।
  • वार्ड 69 से बीजेपी पार्षद अशोक मुद्गल का वार्ड अनारक्षित (सामान्य) महिला का होने से वे खुद इस वार्ड से चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
  • वार्ड 70 से बीजेपी पार्षद केके त्रिपाठी के लिए भी मुश्किल खड़ी हो गई। उनका वार्ड अनारक्षित (सामान्य) महिला का होने से वे स्वयं चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। उन्हें भी नई जमीन की तलाश रहेगी।
  • वार्ड 71 में बीजेपी के शहर जिलाध्यक्ष एवं पार्षद रमेश सोनी का वार्ड ओबीसी महिला होने से वे स्वयं इस वार्ड से चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
  • वार्ड 72 में कांग्रेस के पार्षद गजेंद्र सिंह रलावता का वार्ड भी अनारक्षित महिला का हो गया है। अब रलावता खुद इस वार्ड से चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। ऐसे में अब नए वार्ड की तलाश करनी होगी।
Updated on:
18 Aug 2026 11:13 am
Published on:
18 Aug 2026 11:13 am