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अजमेर दरगाह में शिव मंदिर का दावा करने वाली याचिका पर कोर्ट में हुई सुनवाई, पेश किया गया बड़ा सबूत

Ajmer News : अजमेर दरगाह में शिव मंदिर का दावा करने वाली याचिका पर आज कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें सुबूत के तौर पर दो किताबें पेश की गई। जानें क्या हैं ये सबूत?
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Updated: 20 Dec 2024, 6:52 PM IST
Ajmer Court Heard Petition Claiming Shiva Temple in Khwaja Moinuddin Chishti Dargah Presented Evidence

Ajmer News : अजमेर दरगाह में मंदिर होने के दावे को लेकर आज शुक्रवार 20 दिसम्बर को सिविल कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। इस मामले में यह दूसरी सुनवाई है। कोर्ट में हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता के वकील वरुण कुमार सिन्हा ने कोर्ट में सबूत के तौर पर दो किताबें दी पृथ्वीराज विजय और दी अजमेर हिस्ट्रीकल डिस्क्रिप्टिव को पेश किया। कोर्ट में इस मुकदमे की सुनवाई को देखने के लिए भारी भीड़ जमा थी। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था भी मुस्तैद थी। अगली सुनवाई की तारीख 24 जनवरी 2025 तय की गई है।

वकील वरुण कुमार सिन्हा ने कोर्ट से दरख्वास्त

वकील वरुण कुमार सिन्हा ने कोर्ट से दरख्वास्त की कि अनावश्यक रूप से सभी को पक्षकार नहीं बनाया जाए। न ही दस्तावेजों की नकल दी जाए।

अंजुमन कमेटी के वकील का तर्क

इससे पूर्व अंजुमन कमेटी के वकील आशीष कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा जब तक सुप्रीम कोर्ट फैसला नहीं आ जाता है, इस दावे की सुनवाई करना संभव नहीं है। फिलहाल सुनवाई जारी है।

विष्णु गुप्ता ने दायर की थी याचिका

हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में मंदिर होने का दावा पेश किया। जिसको लेकर 27 नवंबर को एक याचिका अजमेर सिविल कोर्ट ने दाखिल की। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया और 20 दिसंबर को सुनवाई की तारीख दी। इसको लेकर अजमेर सिविल कोर्ट ने अल्पसंख्यक मंत्रालय, दरगाह कमेटी अजमेर और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को नोटिस भेजा था। आज 20 दिसम्बर को कोर्ट में सुनवाई हुई।

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20 Dec 2024, 6:52 PM IST
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