अजमेर

Ajmer Dargah controversy: ‘मुगलों ने धार्मिक स्थलों को क्षतिग्रस्त किया’, दरगाह में मंदिर वाली याचिका पर बोले BJP प्रदेशाध्यक्ष

अजमेर की ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा करने वाली याचिका को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने टिप्पणी की है।
2 min read
Nov 29, 2024
Feature image

अजमेर की ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा करने वाली याचिका को लेकर दीवान जैनुअल आबेदीन के पुत्र सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि दरगाह का इतिहास 800 साल पुराना है। सदियों पूर्व राजा-महाराजा, मुगल बादशाह, ब्रिटिश अधिकारी यहां आते रहे हैं। यह देश-दुनिया को सौहार्द का संदेश दे रही है। अब इसमें शिव मंदिर होने को लेकर याचिका दायर की गई है। देश की प्रत्येक मस्जिद में मंदिर होने को लेकर लगातार दावे किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार को ऐसे दावे करने वाले कतिपय व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। यूपी के संभल में हुई घटना में कई लोगों की मौत हुई है।

कानून व्यवस्था फेल

पूर्व विधायक राजेंद् रसिंह गुढ़ा ने गुरुवार को दरगाह में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था फेल हो चुकी है। सरकार मंदिर-मस्जिद विवाद में फंसी हुई है। यूपी के संभल जैसी घटना हम राजस्थान में नहीं होने देंगे।

इतिहास का करें अध्ययन, भाईचारे का हो प्रयास: राठौड़

उधर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि अजमेर दरगाह शरीफ का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में इस संबंध में किसी प्रकार की टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। इतिहास गवाह है मुगलों ने भारत में आकर लूट मचाई, धार्मिक स्थलों को क्षतिग्रस्त किया और हमारे धार्मिक स्थलों पर कब्जा तक कर लिया। ऐसे में इतिहास का अध्ययन सभी को करना चाहिए और उसके अनुसार स्वयं को आगे बढ़कर ऐसा निर्णय करना चाहिए, जिससे भाईचारा बना रहे।

राठौड़ ने कहा कि हिन्दुस्तान में कई ऐसी बेमिसाल इमारतों को मुगलों ने क्षतिग्रस्त किया। उन पर कब्जा किया, लेकिन न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला दिया। इधर, पीयूसीएल ने कहा कि इतिहास, परंपरा और सौहार्द को नहीं जानने वाला व्यक्ति सस्ती लोकप्रियता पाने की कोशिश कर रहा है।

Published on:
29 Nov 2024 09:36 am