
Ajmer : जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉक्टर फारूक अब्दुल्ला बयान की वजह से देश की राजनीति में उबाल आ गया है। फारूक अब्दुल्ला के बयान पर ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के अध्यक्ष व अजमेर दरगाह के प्रमुख नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। कश्मीर में दशकों से हो रहे आतंकवाद के लिए पाकिस्तान जिम्मेदार रहा है, जिसकी वजह से अनगिनत लोगों की जान गई है। यह भले ही फारूक अब्दुल्ला के लिए मददगार रहा हो, लेकिन पाकिस्तान ने कश्मीर के लोगों को नुकसान ही पहुंचाया है। फारूक अब्दुल्ला को यह समझना चाहिए कि उनके बेटे आज भारत के लोकतंत्र की वजह से ही मुख्यमंत्री हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉक्टर फारूक अब्दुल्ला ने बारामूला में अपने विवादित बयान में कहा था कि जम्मू-कश्मीर के लोग इसलिए सुरक्षित है क्योंकि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीरी के मसले को उठा रहा है जबकि भारत सरकार के इरादे कश्मीरियों के प्रति सही नहीं हैं।
फारूक अब्दुल्ला के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अजमेर दरगाह के प्रमुख सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला ने जिंदगीभर कश्मीर के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकी और कश्मीर में राज किया। आज उनके बेटे उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री हैं। यह सिर्फ भारत में लोकतंत्र की वजह से ही संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि 1947 से लेकर आज तक कश्मीर में आतंकवाद का जो नंगा नाच हुआ है उसका जिम्मेदार सिर्फ पाकिस्तान है।
सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने सवाल दागते हुए कहा कि कश्मीर पाकिस्तान की वजह से कैसे सुरक्षित हो सकता है? कश्मीर में हजारों के तादाद में जो बेवाएं है उसका जिम्मेदार पाकिस्तान है। हमारे हजारों बच्चों ने गुमराह होकर जो आतंकवाद की राह पकड़ी इसका भी जिम्मेदार पाकिस्तान है। आज तक जितने लोग भी मरे है, जितने भी जवान शहीद हुए हैं, उन सबका गुनहगार पाकिस्तान है।
फारूक अब्दुल्ला पर तंज कसते हुए सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि शायद उनके लिए पाकिस्तान मददगार हो सकता है पर कश्मीर की आम जनता के लिए नहीं। पाकिस्तान कश्मीर की जनता का गुनहगार है। सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि कश्मीर में जो विकास रुका हुआ था उसका भी जिम्मेदार पाकिस्तान है। जब से आर्टिकल 370 कश्मीर से हटा है तब से कश्मीर में विकास की नई लहर चल पड़ी है। जिस वजह से पूरा कश्मीरी खुश है। कश्मीर के लोग फक्र महसूस करते हैं और ज्यादा आजाद महसूस करते हैं।
पीओके (PoK - Pakistan Occupied Kashmir) के बारे में सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने वहां पर नाहक ही बेगुनाह लोगों को मारा जा रहा है। जिससे वहां की जनता बेहद परेशान है। वो खुद ही हिन्दुस्तान में शामिल होना चाहते हैं। अब वक्त आ गया है कि फारूक अब्दुल्ला जैसे नेताओं का कश्मीर की जनता जवाब दे, जो खाते यहां की हैं और गाते वहां की हैं। इस बयान के लिए फारूक अब्दुल्ला को आम जनता से माफी मांगनी चाहिए।