सिर्फ इबादत के लिए तय किए गए पांच स्थानों पर ही रुक सकेंगे जायरीन, दरगाह में विभिन्न स्थानों पर इस आशय के बैनर लगा दिए गए हैं, पिछले कुछ दिनों से कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल खराब किए जाने की शिकायतें आ रही थीं
अजमेर.
ख्वाजा साहब की दरगाह में अब रात के समय जायरीन के सोने और फालतू बैठने पर पाबंदी लगा दी गई है। जायरीन रात 11 से सुबह 4 बजे तक तय किए गए पांच स्थानों पर ही बैठ कर इबादत कर सकेंगे। दरगाह कमेटी, अंजुमन और पुलिस प्रशासन ने मिलकर यह व्यवस्था शुरू की है। दरगाह में विभिन्न स्थानों पर इस आशय के बैनर लगा दिए गए हैं।
दरगाह परिसर में कई जायरीन झालरा, बड़ी देग, बुलंद दरवाजा, अकबरी मस्जिद आदि स्थानों पर बैठ कर या सोकर रात गुजारते हैं। दरगाह नाजिम शकील अहमद के अनुसार पिछले कुछ दिनों से कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल खराब किए जाने की शिकायतें आ रही थीं।
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इसे देखते हुए कमेटी, अंजुमन और पुलिस प्रशासन ने रात के समय इबादत और दुआ के लिए स्थान तय करने का निर्णय किया। जायरीन रात 11 से सुबह 4 बजे तक केवल अहाता-ए-नूर, पांयती दरवाजा, जन्नती दरवाजा, शाहजहानी मस्जिद और संदली मस्जिद में ही इबादत के लिए बैठ सकेंगे। इन जगहों के अलावा कहीं भी जायरीन को सोने व बैठने नहीं दिया जाएगा।