अजमेर

जगन गुर्जर हत्याकांड के बाद हाई सिक्योरिटी जेल में बंदी ने निगली नींद की गोलियां, अस्पताल में भर्ती

Jagan Gurjar murder case: घूघरा हाई सिक्योरिटी जेल में दस्यु जगन गुर्जर हत्याकांड के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर उठे सवालों के बीच एक और घटना सामने आई। बलात्कार के मामले में दस साल की सजा काट रहे अति सुरक्षा श्रेणी के बंदी जितेन्द्र उर्फ जीतू ने संदिग्ध परिस्थितियों में एक साथ कई नींद की गोलियां निगल लीं।
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Jul 03, 2026
ajmer high security jail
जगन हत्याकांड के बाद हाई सिक्योरिटी जेल में बंदी ने निगली नींद की गोलियां। फोटो पत्रिका नेटवर्क

Ajmer High Security Jail : अजमेर। घूघरा हाई सिक्योरिटी जेल में दस्यु जगन गुर्जर हत्याकांड के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर उठे सवालों के बीच एक और घटना सामने आई। बलात्कार के मामले में दस साल की सजा काट रहे अति सुरक्षा श्रेणी के बंदी जितेन्द्र उर्फ जीतू ने संदिग्ध परिस्थितियों में एक साथ कई नींद की गोलियां निगल लीं। हालत बिगड़ने पर उसको कड़ी सुरक्षा के बीच जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया है।

जानकारी अनुसार ब्यावर जिले के टॉटगढ़ निवासी जितेन्द्रसिंह बलात्कार के मामले में हाईसिक्योरिटी जेल में दस साल की सजा काट रहा है। गुरुवार शाम उसकी तबीयत बिगड़ने पर जिला पुलिस के चालानी गार्ड की निगरानी में उसे जवाहरलाल नेहरू अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने आपातकालीन इकाई में प्राथमिक उपचार के बाद उसे कैदी वार्ड में भर्ती कर लिया, जहां उसका उपचार जारी है।

सख्ती पर उठाया कदम

प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि जगन गुर्जर हत्याकांड के बाद जेल में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पहले से अधिक सख्त कर दी गई है। इसी दौरान यह बात भी सामने आई कि बंदी जितेन्द्र जेल में बढ़ी सख्ती से नाराज था। आशंका है कि इसी कारण उसने निर्धारित मात्रा से अधिक नींद की गोलियां खा लीं है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

पहले भी कर चुका है ऐसी हरकत

जेल अधीक्षक पारसमल ने बताया कि जेल में हार्डकोर, अति सुरक्षा व गैंगवार श्रेणी के बंदियों को रखा गया है। जितेन्द्र अति सुरक्षा श्रेणी का बंदी है तथा पूर्व में भी इस प्रकार की हरकत कर चुका है। फिलहाल उसकी हालत पर चिकित्सकों की निगरानी है।

जांच के दायरे में दवाइयों की उपलब्धता

घटना के बाद जेल प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गई है। जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि बंदी के पास एक साथ अधिक मात्रा में नींद की गोलियां कैसे पहुंचीं और उसने किन परिस्थितियों में दवा का सेवन किया।

जगन गुर्जर की जेल में हुई थी हत्या

गौरतलब है कि 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। जेल में बंदी विष्णु सिंह पर जगन की गला घोंटकर हत्या करने का आरोप है। हालांकि, जगन गुर्जर के परिजनों का कहना है कि साजिश के तहत जेल में हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। बता दें कि बुधवार को डकैत जगन गुर्जर का धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव में अंतिम संस्कार किया गया।

Updated on:
03 Jul 2026 02:19 pm
Published on:
03 Jul 2026 02:17 pm