
Jagan Gurjar Murder Update : डकैत जगन गुर्जर (मृत) और अजमेर जेल का दृश्य। फाइल फोटो पत्रिका
अजमेर। घूघरा हाई सिक्योरिटी जेल में दस्यु जगन गुर्जर की हत्या मामले में मेडिकल बोर्ड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कई अहम तथ्य उजागर किए हैं। जगन गुर्जर के संघर्ष के निशान नहीं मिलने से अब जांच की दिशा भी बदल गई है। सिविल लाइंस थाना पुलिस को सौंपी गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार जगन की मौत गला घोंटने से दम घुटने के कारण हुई।
गर्दन पर दो अलग अलग दबाव के निशानों के आधार पर आशंका जताई गई है कि पहले एक तरफ से गला दबाया। फिर दूसरी तरफ भी ताकत लगाकर दबाव बनाया गया। जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग की ओर से गठित पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने जगन गुर्जर पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में गर्दन पर करीब 29 सेंटीमीटर लंबा दबाव का निशान पाया है, जबकि गर्दन के बाएं हिस्से पर एक अलग चोट भी पाई गई।
गर्दन की मांसपेशियों, थायरॉयड के आसपास व जीभ के निचले हिस्से तक अंदरूनी खून का रिसाव मिला, जिससे लम्बे समय तक गला दबाने की पुष्टि करता है। रिपोर्ट में शरीर पर संघर्ष के उल्लेखनीय निशान नहीं मिलने से जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि वारदात अचानक हुई या पहले उसको काबू में किया गया। हालांकि अभी फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट भी आना बाकि है। पोस्टमार्टम में विभिन्न अंगों के नमूने सुरक्षित रखकर पुलिस के जरिए एफएसएल जांच के लिए भेजे गए हैं।
पोस्टमॉर्टम के दौरान पेट में कुछ पचा हुआ भोजन भी मिला है। इससे जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि खाना खाने के कितनी देर बाद हत्या हुई। वहीं फॉरेंसिक जांच के लिए छोटी आंत, लीवर और दोनों किडनी सहित अन्य नमूने सुरक्षित रखकर पुलिस को सौंप दिए गए हैं।
इधर, सिविल लाइंस थाना पुलिस ने जेल के ब्लॉक व सेल में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज निकलवाई है। जिनकी बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस की पड़ताल में यह भी सामने आया है कि जगन गुर्जर की सेल का सीसीटीवी कैमरा 19 से 24 जून तक सामान्य रूप से काम कर रहा था था, लेकिन 25 जून से बंद था। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि आखिर कैमरे ठीक क्यों नहीं किए गए थे? क्या इसके पीछे साजिश थी? फिलहाल, पुलिस पड़ताल में जुटी हुई है। कोर्ट के आदेश पर सम्भवतः आज विष्णु को पुलिस जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार करेगी।
Published on:
03 Jul 2026 08:44 am
