अजमेर के जेएलएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टर-परिजन विवाद मारपीट में बदल गया। मरीज की हालत बिगड़ने पर ऑक्सीजन-वेंटिलेटर को लेकर कहासुनी हुई।
अजमेर: राजस्थान के अजमेर स्थित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शुक्रवार को उस वक्त भारी हंगामा हो गया, जब इमरजेंसी यूनिट में एक डॉक्टर और मरीज के परिजन आपस में भिड़ गए। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
घटना शुक्रवार दोपहर की है। कायमपुरा निवासी गजेंद्र सिंह (32) अस्पताल में भर्ती थे। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें जयपुर रेफर करवाना चाहते थे। एम्बुलेंस में शिफ्ट करते समय अचानक मरीज की पल्स गिर गई, जिसके बाद परिजन उन्हें वापस इमरजेंसी में ले आए।
विवाद तब शुरू हुआ जब ड्यूटी पर तैनात रेजीडेंट डॉक्टर ने कागजी कार्रवाई (पर्ची लाने) की बात कही, जबकि परिजन तुरंत ऑक्सीजन और वेंटिलेटर सपोर्ट की मांग कर रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीखी बहस के दौरान बात इतनी बिगड़ गई कि रेजीडेंट डॉक्टर ने मरीज के परिजन को थप्पड़ जड़ दिया। इसके जवाब में युवक ने भी डॉक्टर के साथ मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते इमरजेंसी वार्ड में लात-घूंसे चलने लगे।
डॉक्टरों का दावा है कि मरीज की मौत एम्बुलेंस में ले जाने के दौरान ही हो चुकी थी। वहीं, परिजनों का आरोप है कि इलाज में देरी और दुर्व्यवहार के कारण स्थिति बिगड़ी।
हंगामे की सूचना मिलते ही अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे और प्रिंसिपल डॉ. अनिल सामरिया मौके पर पहुंचे। अस्पताल के बाहर करीब 200-300 लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, जिसे देखते हुए भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। फिलहाल, प्रशासन दोनों पक्षों को शांत कर मामले की जांच में जुटा है।
मृतक के परिजन ने शव नहीं उठाने एवं पुलिस में मामला दर्ज कराने पर अड़ गए। मृतक के चाचा रघुनाथ सिंह ने बताया कि उनका गला पकड़कर रेजीडेंट ने दुव्यर्वहार किया। वहीं, पुन: बेटे भानुप्रताप सिंह को थप्पड़ जड़ दिया।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में गुंडाराज के हालात बने हैं। हम मामला दर्ज करवाएंगे। बाद में अस्पताल के बाहर मिलने वालों की भीड़ जुटने लगी। कुछ साथ आए लोगों ने बताया कि वे शव नहीं लेकर जाएंगे, प्रदर्शन करेंगे। हालांकि उनसे समझाइश की जा रही है।