
अजमेर. शहर सहित पैरीफेरी इलाकों में अगले ढाई दशक में होने वाले विकास का स्वरूप बदल जाएगा। शहर में खाली भूखंड उपलब्ध नहीं होंगे। एडीए को भूखंड काटकर कॉलोनियां बसाने के बजाए महानगरों की तर्ज पर इमारतें विकसित करनी होंगी। बसावट की करीब 60 फीसदी इमारतें वर्टिकल शेप में नजर आएंगी। मौजूदा सेक्टर व्यवस्था में बंटे इलाके मिनटों की दूरी पर होंगे। स्कूल, क्लिनिक, सब्जी मंडी, चार्जिंग स्टेशन, पार्क सबकुछ बिल्कुल पास ही होंगे। मौजूदा समय में भविष्य की आवश्यकताओं और तेजी से विकसित हो रहे शहर की परिकल्पना के लिए मास्टर प्लान 2050 में वर्टिकल डवलपमेंट को मुख्य आधार बनाया गया है। शहर के अंदर खाली जमीन लगभग खत्म हो चुकी है। भूखंड की जगह बहुमंजिला इमारतों को बढ़ावा दिया जाएगा। योजना के तहत भूतल के साथ 10 से 15 मंजिला तक की इमारतें बनेंगी। एक ही भूखंड पर 4 परिवार की जगह 40 परिवार रह सकेंगे।
भविष्य की योजना के अनुरुप शहर की पुरानी कॉलोनियों को और आवासीय योजनाओं को हटाकर हाई-राइज टाउनशिप में बदला जाएगा। एडीए खुद जमीन मालिकों से करार कर मकान बनाकर देगा।
योजना के मुताबिक प्रस्तावित 45 किमी लंबे रिंग रोड के अंदर ही पूरे शहर को विकसित किया जाएगा। पुष्कर रोड, किशनगढ़ रोड और व्यावर रोड पर नए भूखंड काटने के बजाए वहां टॉवर स्कीम लाई जाएगी। लेक फ्रंट और दरगाह जोन में नो-कंस्ट्रक्शन के तहत आना सागर और वरुण सागर के 500 मीटर दायरे में केवल पार्क, ग्रीन बेल्ट और टूरिज्म प्रोजेक्ट बनेंगे।
विशेषज्ञों के मुताबिक, जयपुर और दिल्ली की तर्ज पर अजमेर में भी लैंड पूलिंग बंद हो रही है। अब एडीए भूखंड बेचने वाला नहीं, बल्कि फ्लैट और कॉम्प्लेक्स बनाने वाला प्राधिकरण बनेगा। इससे शहर में ट्रैफिक, पानी, सीवरेज की समस्या भी कम होगी। एडीए की योजनानुसार पहली 14 मंजिला टाउनशिप योजना माकड़वाली रोड पर लॉन्च की तैयारी की जा चुकी है।
शहरी क्षेत्र में खाली भूखण्ड नहीं मिलने पर पांच तरह से विकास कार्य किए जाऐंगे। इनमें वर्टिकल विकास ऊपर की तरफ यानी जमीन नहीं मिलने पर ऊपर का एरिया रेशो बढ़ेंगे। शहर के बीच के पुराने मकानों और पुरानी सरकारी कॉलोनी और अन्य सरकारी सम्पत्तियों की जमीन को एडीए द्वारा अधिग्रहण कर नए कॉम्प्लेक्स बनाए जा सकेंगे। रिंग रोड के 500 मीटर में ही सारी ऊंची इमारतें, मार्केट, ऑफिस की परमिशन मिल सकेगी। गांव की जमीन लेकर कॉलोनी काटना बंद कर पुरानी कॉलोनियों में मालिकों से जमीन लेकर, वहां सड़क, पार्क निकाल कर वापस उसी मालिक को ज्यादा कीमत की जमीन देने पर काम होगा। दिल्ली में इसी मॉडल पर काम किया जा रहा है। भूतल और पार्क के नीचे पार्किंग, मार्केट के ऊपर गार्डन, नाले के ऊपर सड़क। एक ही जमीन का 3 बार इस्तेमाल किया जा सकेगा।
एडीए की योजना में किसान खुद जमीन देंगे। 1000 वर्ग मीटर जमीन देने पर 400 वर्ग मीटर विकसित कर उसे वापस मिलेगी। 600 वर्ग मीटर पर एडीए सड़क, पार्क, हॉस्पिटल बनाएगा। किसानों के साथ होने वाले जमीन अधिग्रहण के विवाद भी कम हो सकेंगे। 90 बी का झंझट भी खत्म कर दिया जाएगा। एडीए द्वारा खाली कृषि भूमि पर प्रत्येक 500 मीटर पर हब तैयार किया जाएगा जहां आमजन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
50 गज में 3 मंजिला घर, नीचे दुकान, ऊपर सोलर पैनल, युवाओं के लिए 1 बीएचके जो 5 साल बाद खरीद सकते हैं। बुजुर्गों के लिए भूतल पर मेडिकल सुविधा रहेगी। कॉलोनी में अनिवार्य सड़क के नीचे रेन वाटर हार्वेस्टिंग टनल, ऊपर सोलर, सडक, कचरा घर से ही अलग करनी ऑटोमेटिक व्यवस्था होगी।
घरों की कीमतें डीएलसी दरों से नहीं होकर ग्रीन स्कोर से तय होगी। पानी रिसाइक्लिग होकर पार्क में जाएगा। जितना ज्यादा पेड़-पानी बचाओगे, उतनी कम किस्त आएगी। रजिस्ट्री और निर्माण परमिशन ऑटोकॉलोनी का नक्शा एडीए पहले ही ड्रोन से बना लेगा।
एडीए के उत्तर जोन में वरुणसागर, लोहागल, वैशालीनगर, कोटडा, पुष्कर रोड और माकडवाली का क्षेत्र आता है। 2050 में यहां कृषि भूमि पर कट रही अवैध कॉलोनियां टाउनशिप में बदल जाएगी। अजमेर उत्तर जोन में पुष्कर रोड को सीधे वैशाली से जोड़ने के लिए 100 फीट का नया एलिवेटेड रोड होगा। साइकिल ट्रेक बनेगा। अतिक्रमण हटाकर 8 किमी. लम्बा लेकफ्रंट बनेगा। वैशालीनगर और कोटडा में सोसायटी होगी। प्रत्येक टावर के नीचे दुकान और ऊपर फ्लेट होंगे। पुष्कर रोड ट्यूरिज्म कॉरिडोर में बदल जाएगा। अजमेर से पुष्कर की 14 किमी. मार्ग 6 लेन होगा। लोहागल में कोटा जैसा एजुकेशन हब होगा।
बढती आबादी और भविष्य की आवश्यकताओं के मद्देनजर 2050 तक शहर की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी। यह समय की आवश्यकता भी है। एडीए को भी भूखण्ड काटकर कॉलोनी विकसित करने की योजना में बदलाव करना पडेगा। एडीए को आमजन की जरुरतों को ध्यान में रखते हुए विकास करना होगा। उत्तर जोन में गत वर्षों में तेजी से हुए बदलाव से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि अब भूखण्ड खरीदकर मकान बनाने का पैटर्न ज्यादा पसंद नहीं किया जा रहा। एडीए को जोनवार आमजन को हर सुविधा मुहैया करानी होगी। व्यक्ति को अपने घर और फ्लेट के पास ही सारी सुविधा मिल जाएगी तो ट्रैफिक भी कन्टोल होगा।
- अशोक रंगनानी, सेनि. इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी