28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान में हजारों जिम, लेकिन सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी? 6 जिलों की पड़ताल में खुलीं कई खामियां

राजस्थान के छह जिलों में जिम की पड़ताल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कई कमियां सामने आई हैं। कहीं प्रशिक्षित ट्रेनर और CPR की सुविधा नहीं मिली, तो कहीं आपातकालीन इंतजाम अधूरे पाए गए। अब जिमों के पंजीकरण और सुरक्षा नियमों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Harshita Saini

•

Updated: 28 Oct 2026, 10:43 AM IST

Rajasthan Gym Safety

Ai Generated Image

जयपुर. फिट नजर आने के लिए जिम जाने वालों की युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके लिए हर महीने हजारों रुपए खर्च कर रहे हैं। वातानुकूलित फिटनेस सेंटर पर आधुनिक मशीनें और फिटनेस सुविधाएं तो बढ़ रही है, लेकिन सेहत की सुरक्षा कहीं पीछे छूटती नजर आ रही है। पत्रिका टीम की प्रदेश के बड़े शहरों की पड़ताल में फिटनेस सेंटर की संख्या, सीमित पंजीकरण, ट्रेनरों की योग्यता व आपातकालीन सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। कई जगह प्राथमिक उपचार की व्यवस्था नहीं मिली, तो कहीं सेंटर स्टाफ को सीपीआर कैसे देना है? नहीं पता। जिम की सदस्यता देने से पहले सदस्यों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेने और आपात स्थिति में अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था नहीं मिली। बड़ी समस्या निगरानी की है। प्रदेश में कितने जिम संचालित हैं, कितनों का पंजीकरण है, कितने प्रशिक्षित ट्रेनर है और कितनों में जीवनरक्षक उपकरण है, इसका एकीकृत सरकारी रिकॉर्ड नहीं है।

जरूरी हैं ये चैक पॉइंट

  • नए सदस्य के लिए जिम में प्रशिक्षित और प्रमाणित फिटनेस ट्रेनर उपलब्ध हैं या नहीं
  • सीपीआर की जानकारी रखने वाले स्टाफ की उपलब्धता की जांच
  • ट्रेडमिल का सेफ्टी क्लिप, लॉक, क्लैंप जैसर उपकरण जांचें
  • वेंटिलेशन, साफ फर्श, स्वच्छ पेयजल, साफ उपकरणों की व्यवस्था
  • फिटनेस सेंटर के लिए प्रशिक्षकों की योग्यता, प्रमाणपत्र व प्रशिक्षण का सत्यापन करें
  • सदस्य से स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी लें
  • उपकरणों की समयबद्ध जांच, रख-रखाव का रिकॉर्ड रखें
  • फर्स्ट एड किट, प्रशिक्षित सीपीआर कर्मी की उपलब्धता

बचपन से खेल, सही व्यायाम की जरूरत

जयपुर के फिजिकल मेडिसिन एंड रिहेबिलिटेशन विशेषज्ञ डॉ. अनिल जैन के अनुसार, व्यायाम जीवनभर स्वस्थ रहने का प्रभावी माध्यम है, लेकिन इसका असर मात्रा और तीव्रता पर निर्भर करता है। गलत तरीके से या जरूरत से ज्यादा व्यायाम करने से गंभीर नुकसान हो सकता है। बचपन से खेल, सही खानपान और क्षमता के अनुसार व्यायाम की आदत जरूरी है।

आकलन कर सरकार बनाए नीति

फिटनेस सेंटर चलाना केवल व्यावसायिक गतिविधि नहीं, लोगों की सेहत और सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी भी है। जरूरी है कि जिमों की संख्या और सुरक्षा व्यवस्था का वास्तविक आकलन कर नीति बनाई जाए। राज्य सरकार को जिम और फिटनेस सेंटरों के अनिवार्य पंजीकरण के साथ एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना चाहिए।

ग्राउंड रिपोर्ट… शहर-दर-शहर

जयपुरः 1 हजार से ज्यादा जिम में 70 हजार से ज्यादा लोग रोजाना वर्कआउट करते हैं। 90 फीसदी में आपातकालीन निकासी की व्यवस्था नहीं है। सीपीआर प्रशिक्षित कर्मचारियों और एक से अधिक कोच की सुविधा नहीं मिली।

जोधपुरःजिम में कार्डियक इमरजेंसी से निपटने के लिए एईडी मशीन और व्यायाम शुरू करने से पहले सदस्यों की बीमारियों की जानकारी लेने की व्यवस्था नहीं दिखी।

उदयपुरः शहर में करीब 200 से ज्यादा जिम हैं, लेकिन प्रशिक्षित ट्रेनर वाले जिमों की संख्या महज 5 से 10 है। व्यायाम के दौरान गलत तकनीक और जरूरत से ज्यादा वजन उठाने से चोट लगने के मामले सामने आए हैं।

शेखावाटीः सीकर, चूरू और झुंझुनूं में लगभग 70 प्रतिशत जिम में कर्मचारियों को सीपीआर का प्रशिक्षण नहीं मिलने की बात सामने आई।

भीलवाड़ा: शहर में करीब 60 जिम और फिटनेस सेंटर हैं। अधिकांश के औपचारिक सरकारी पंजीकरण और निर्धारित सुरक्षा मानकों की स्थिति स्पष्ट नहीं है।

कोटा: 250 से ज्यादा जिम संचालित हैं, लेकिन इनके नियमित निरीक्षण की व्यवस्था नहीं है। अधिकांश सेंटर पर आपातकालीन निकास उपलब्ध नहीं है। सदस्यों के मुकाबले एक्सपर्ट ट्रेनर व अभाव है।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग